भूल को सुधारें, दोहराएं नहीं।
पढ़ो उन्मादी कट्टर इस्लामिक हिंसक आतंकवादी ने गाली बोल-बोल धमकी दे दी, खुले मैदान में आकर लड़ने की चुनौती दे दी, देश भक्त बजरंग दल साहसी हिंदू गौरक्षकों को कीड़े-मकोड़े की संज्ञा दे दी।
इसके बाद न्यूज़ वालों ने गौ रक्षक मोनू मानेसर और बंटी बजरंगी को दंगा भड़काने वाले दोषी ठहरा दी और न्यूज़ स्टूडियो में बुलाकर सबके सामने खूब खिंचाई कर दी। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह? लगा दी।
न्यूज़ वाले आतंकवादियों की हिंसक गुप्त सूचनाएं घटित होने से पहले प्रशासन, सरकार या जनता को बता नहीं पाते हैं इसीलिए सांस्कृतिक शोभायात्रा आयोजित करने वालों पर दोष लगाकर उंगली उठा देते हैं ।
आगे देख-पीछे देख, ऊपर देख-नीचे देख, दाएं देख-बाईं देख, आंख है दो किंतु दृश्य अनेक, यदि तू बंदा है नेक और भीड़ में तेरे गाड़ी की गति है तेज तो अभी लगा दे ब्रेक, वरना अपने आने वाले जन्मदिवस पर काट नहीं पाएगा अपना ही 🎈 Birthday 🎉 🎂 🍰 Cake.
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⛱️⚡💖एक वीडियो देख भीड़ू चाहे हौसला है तेरा ऐसा बिल्कुल पहाड़ों जैसा, फिर भी बिना सामाजिक, व्यापारिक या बाहरी सहारा के तेरा हर फैसला चकनाचूर होगा और करोड़ों रुपया टूटकर केवल बचेगा पैसा-पैसा।
💖Hindustani Hero Sachin Bhai and Pakistani Heroine Seema Bhabhi ji ka Grand Welcome hona chahiye. Happy 💕 Love Marriage. सचिन हिंदुस्तानी ने PUB-G खेल कर पाकिस्तानी भाभी के साथ चार बच्चों को भी जीत लिया है। Heartily💖 🎉🎊 Congratulations 🎉
कृपया अपने ऐतिहासिक भूल को सुधारें इसे बार-बार दोहराएं नहीं।
ऐसे वस्त्रों को पहनने से अच्छा है नग्न होकर रहें, इससे अधिक सुख और संतृप्ति की भावना उत्पन्न होती है या तो पूरी तरह से शरीर को और शरीर के आकर्षक उभार को पर्दा करने वाले वस्त्र पहनने चाहिए। कुछ हिस्सा छुपाकर अधिक आकर्षक उभार वाले वस्त्रों का उपयोग अधिक परेशान करने वाली होती है इससे हम खुद भी असहज महसूस करते हैं और दूसरों को भी अधिक आकर्षित करके गलती करने के लिए विचलित कर देते हैं।
सुंदर, दमदार एवं आकर्षक अंगों के साथ डांस वाले झटकों की नुमाइश नहीं करनी चाहिए। करनी है तो भगवान भक्ति, देश भक्ति, गुरु भक्ति और शिक्षा का प्रचार प्रसार करो।
ऐसे वस्त्रों को पहनने से अच्छा है नग्न होकर रहें, इससे अधिक सुख और संतृप्ति की भावना उत्पन्न होती है या तो पूरी तरह से शरीर को और शरीर के आकर्षक उभार को पर्दा करने वाले वस्त्र पहनने चाहिए। कुछ हिस्सा छुपाकर अधिक आकर्षक उभार वाले वस्त्रों का उपयोग अधिक परेशान करने वाली होती है इससे हम खुद भी असहज महसूस करते हैं और दूसरों को भी अधिक आकर्षित करके गलती करने के लिए विचलित कर देते हैं।
सुंदर, दमदार एवं आकर्षक अंगों के साथ डांस वाले झटकों की नुमाइश नहीं करनी चाहिए। करनी है तो भगवान भक्ति, देश भक्ति, गुरु भक्ति और शिक्षा का प्रचार प्रसार करो।
छत से ऊंचा आसमान है पर क्या आसमान हमारा छत है? नहीं, क्योंकि छत हमारी रचनाएं हैं।
�भगवत् कथा कलश यात्रा� �
सूर्य के बारे में किसी को समझने और समझाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि किसी न किसी नाम से यह सूर्य अपना यश गान समस्त पृथ्वी वासियों से करवा ही देते हैं।
मैं भी अपना यश गान करवाना चाहता हूं किंतु मुझे सूर्य समझने की �भूल � �कृपया ना करें �।
आपकी अति कृपा होगी।
धन्यवाद
पृथ्वी के समस्त जीव में शक्ति का मूल और सार है सूर्य।
पृथ्वी के जीवन जल का अलग-अलग रूप विस्तार है सूर्य।।
समस्त वनस्पतियों और सौर ऊर्जा को धारण करने वाले कंदमूल-फल-फूल, साग-सब्जी तथा जननीयों का दूध आदि सब में है सूर्य शक्ति जिसके लिए समर्पित है हमारी अनंत भक्ति।।।
Education policy of the Bharat has diverted towards the hell school. Nobody can save himself by these harmful effects after practiced of the education policy. भारत की शिक्षा नीति नरक विद्यालय की ओर मोड़ दी गई है। शिक्षा नीति के अभ्यास के बाद कोई भी व्यक्ति इन हानिकारक प्रभावों से स्वयं को नहीं बचा सकता।
किसी दाढ़ी रखने वाले दीवाने ने कहा:-🥳समझदार लड़कियां गाड़ी पर नहीं मरती हैं, वह तो हल्की-हल्की दाढ़ी पर मरती हैं 🎊🎈 तो इसका जवाब है समझदार लड़कियां कभी गाड़ी पर मरती हैं, कभी दाढ़ी पर मरती हैं कभी-कभी सच्ची-झूठी तारीफ करने वाले की मायाजाल रूपी झाड़ी पर भी मरती हैं। इसलिए इसे ख़ुद समझो, ख़ुदा को मत समझाओ। “अमीर बनो और घर जाओ, अपना पवित्र-नवरात्रि का त्योहार मनाओ”।
33%महिला आरक्षण विधेयक 🎆नारी शक्ति वंदन🎆 सर्वसम्मति से 🎆454🎊 मतों से लोकसभा में पारित हो चुकी है यह साक्षी है कि देश की 33% महिलाएं कमजोर हैं। ये स्वयं कठिनाइयों से संघर्ष करके आगे नहीं बढ़ सकती है और उन्हें आरक्षण रूपी मदद की ज़रूरत है। निष्कर्ष यहां यह निकलती है कि 100% पुरुष की तुलना में 35% महिलाएं बराबरी करने लायक नहीं हैं। इसीलिए पुरुष की बराबरी के लिए इन्हें आरक्षण रूपी सहारे की या मदद की आवश्यकता है।
असदुद्दीन ओवैसी की घटिया सोच देखो लोकतांत्रिक देश में बहुमत को मोब लिंचिंग का नाम देकर संसद भवन में चिल्ली मारता है और संसद भवन के लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपमानित करता है।
मेरी तो मति गई थी मारी जो घर के कामकाज छोड़कर करने चला पढ़ाई। रास्ते के अंतिम मोड़ पर मिल गई रानी, बर्बाद कर गई जीवन की सारी कमाई।। मेरी तो 😈मति गई थी मारी वरना हो जाती मेरी भी सगाई 💕
😢 गलती से योगी जी, मोदी जी समय पर आ गए वरना बीड़ी-हुक़्का, सिगरेट-गुटखा, बीयर-शराब आदि खा पी-पी कर हिंदुस्तान के लोग कर देते सब की सेहत खराब ।😢
शरणागत सदैव प्रिय है, हर स्थिति में प्रिय होना चाहिए।
जांच करो लेकिन रामराज्य की संकल्पना को धूल में मत मिलाओ।
दूल्हा-दुल्हन को जेल में रखकर निगरानी करो लेकिन दुल्हन बन के आई पाकिस्तानी भाभी का आदरणीय सम्मान भी करो।
शादी का बंधन तो ऐसा बंधन है जो सदियों से बनी दुश्मनी को दोस्ती में मजबूत रिश्तेदारी में परिवर्तित करने में सक्षम है मेरी तो इच्छा है पाकिस्तान की 100% लड़कियां भारत के लड़कों से शादी करें और भारत में आकर भारत माता की जय बोलती रहे और भारत की सेवा करती रहे। जब किसी देश की बेटियां हमारे देश की बहू बनेगी तो हमारे साले और ससुर जी भी हमारी बर्बादी शायद ही 2% चाहेंगे।
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दुनिया में सबसे नीच जाती है गरीबी और इसे और भी नीच बनाती है यदि इनके पास आर्थिक कलाओं का अभाव है या विकृत बुद्धि का व्यक्ति है। आर्थिक कलाओं में लिखने-पढ़ने की कला सबसे उत्तम कला है।
लाल दुपट्टा उड़ गया अरे! बैरी हवा के झोंके से, तुझको पिया ने देख लिया है रे! धोखे से।।
शादीशुदा महिला SDM मौर्य ने भारत के कई करोड़ों पुरुष एवं महिला की उम्मीद और विश्वास को झकझोर कर रख दिया है, हवाओं में उड़ा दिया है।।
महिलाओं के प्रभाव 😭😘 और प्रशासन 🤑📚 वाले वर्चस्व ने पुरुषों को अपने हाथ और कदम महिलाओं से पीछे या बहुत दूर रखने के लिए मजबूर कर दिया है।।
क्योंकि बीते कई वर्षों में पुरुष महिला के मुकाबले बिछड़ते और पिछड़ते जा रहे थे वे अपने आत्मविश्वास से अधिक महिलाओं पर अधिक आश्रित हो गए हैं। इसीलिए यह घटना समाज और देश में पुरुषों के लिए अनेक सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है जिसमें वे अपने आप को अधिक आत्मनिर्भर और स्वयं के प्रयासों, क्षमताओं पर अधिक उम्मीद तथा अधिक विश्वास रखने के लिए सोच सकते हैं।
हम इस सच्चाई और वास्तविकता से दूर नहीं भाग सकते हैं की एक महिला एक से अधिक क्षेत्रों में अपने से निम्नतम पुरुष को अपना जीवन साथी या सम्मान की दृष्टि से कभी नहीं देखती है जबकि एक पुरुष अनेक तरह से संपन्न होने के बाद भी अनेक क्षेत्रों में अपने से निम्नतम स्त्रियों को अपनाने और उनके जीवन को सजाने-संवारने का प्रयत्न करता आया है और अवसर भी प्रदान करता रहा है।
विशेष सूचना कृपया ध्यान दें:🙏✨समस्त ज्ञानेंद्रियों और उपस्थित सभी संभव साक्ष्य आदि का उपयोग करके ही सही निष्कर्ष और सही सोच के साथ सही विश्वास करना अधिक उचित है।
गांधीजी के तीन बंदर:- 🥳बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत बोलो🥳 ऐसी अशिक्षा ने भारतीयों को सच देखने से पहले अंधा, सच सुनने से पहले बहरा और सच बोलने से पहले ही गूंगा बना दिया है। क्योंकि सच के रूप बुरे भी होते हैं। इसके बाद बची-खुची कसर हमारे संविधान निर्माताओं ने दूसरे देशों के कानूनों की नकल प्रति हमारे संविधान में लिखित रूप में सम्मिलित करके हम भारतीयों को 🥳नकलची बंदर🥳 होने का चौथा सिद्धांत प्रमाण स्वरूप प्रदान कर दिया है। कुछ एक अलग कानून है जैसे पंथनिरपेक्ष आदि जो भारतीयों को धर्म विहीन देश बनाने के लिए प्रेरित और समर्थन प्रदान करती है। जहां धर्म ना होगा वहां अन्याय और पाप को बढ़ने से रोकना लगभग असंभव है।
इंग्लैंड का लिखित संविधान नहीं है फिर भी वह भारत से अधिक समृद्ध, सुरक्षित और न्याय प्रिय देश के रूप में जानी जाती है। भारतीयों के तुलना में इंग्लैंड के लोगों में अधिक राष्ट्रवाद और एक दूसरे के लिए सहयोग समर्थन की भावना है।
अब राकेश टिकैट की बात करो यह किसान का नेता नहीं है बल्कि दुश्मन है इसने देश के किसानों का बहुत बड़ा नुकसान किया है बीजेपी सरकार ने पुरानी इतिहास और आधुनिक विज्ञान तथा आम लोगों और व्यापार जगत की मांग को पढ़कर किसानों को समृद्ध बनाने हेतु उनके कार्यों में सुधार करने हेतु कुछ कानून जनता के समक्ष सुझाव के लिए रखे थे जिसे किसानों द्वारा समझ लेने पर और इसे अपनाने तथा स्वीकार कर लेने पर कृषि भूमि का फूड प्रोडक्ट बनाने वाले व्यवसाईयों या कंपनियों के साथ योग किया जाना था और भूमि सुधार के लिए अनेक प्रकार के योजनाओं को उपयोग में लाकर किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने हेतु प्रतिमाह भूमि के क्षेत्रफल के अनुसार एक निश्चित वेतन के साथ सभी स्थानीय किसानों को रोजगार भी उपलब्ध कराना था और देश के विकास के साथ योग करके विकसित कृषि का प्रोजेक्ट जनता के समक्ष सुझाव में रखे थे तथा किसानों के फसलों का उचित M.S.P और M.R.P देकर सीधे किसानों को लाभ पहुंचाना था लेकिन राकेश टिकैट ने अपने आप को किसान और सरकार के बीच बिचोलिया बनाकर सरकार और किसान दोनों को ठगने के लिए अनेक प्रकार के शर्तें रख दी सरकार ने इस बिजोलिया को स्वीकार नहीं किया परिणाम स्वरूप इस ने किसानों को गुमराह करके, भड़का कर सरकार और किसानों में लड़ाई करवा दी जिससे अनेक देश के अनेक फौजी, C.R.P.F और पुलिस तथा किसान भाइयों की जान चली गई इसके बाद भी इस ने हर नहीं मानी और तीनों कानून वापिस करने के लिए हर तरह के हथ-कंडे अपनाकर दिल्ली की हाईवे सड़क जाम करके दिल्ली को बंधक बनाकर और आंदोलन करके कानून को लागू होने से पहले वापिस करवा दिया है। हमारी नजर में यह राकेश टिकैट किसानों का नेता नहीं बल्कि परजीवी अर्थात पैरासाइट है। परजीवी ऐसे जीव होते हैं जो हमें पूरी तरह से मारे बिना हमारे शरीर के पोषक तत्व या खून आदि चूस कर अपना पालन पोषण करते हैं।
“भूखे कुत्ते को अगर रोटी खिलाओगे तो यह जिंदगी भर तुम्हारी वफादारी करेगा, उस पर जिंदगी भर तुम भरोसा कर सकते हो लेकिन ये भरोसा इंसानों पर मत करना” ।😢😢😢 गलती हमारी नहीं होती है, हमें शिक्षा देने वाले की होती है। काश इस डायलॉग की तरह भगवान की सोच भी होती और महापुरुषों, विद्वानों, माताजी, पिताजी और गुरु की भी सोच होती तो शायद पूरे दुनिया में हर इंसान भूखा मरता हुआ नज़र आता या इस दुनिया में सिर्फ कुत्ते ही कुत्ते नज़र आते।😢😢😢
🎯🎉अंग्रेजी अपनाकर या पढ़ कर अंग्रेजों जैसा किंतु अधूरा व्यवहार कर सकोगे या सिर्फ अंग्रेजों के लिए उपयोगी रहोगे। इसके कारण हम और हमारा देश अनेक वर्षों तक अंग्रेजों से हर क्षेत्र में पिछड़े रहेंगे। इसके कारण शिक्षक, शिक्षालय हमारे देश के होंगे लेकिन सिलेबस या किताबों के रचनाकार और विद्वान अंग्रेज ही होंगे।इंजीनियर, मकैनिक हमारे देश के होंगे लेकिन शोधकर्ता-खोजकर्ता-वैज्ञानिक अंग्रेज ही होंगे। किसान और खेत हमारे देश के होंगे लेकिन बीज और खाद अंग्रेज के होंगे। विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका के कार्यकर्ता और अधिकारी हमारे देश के होंगे लेकिन संविधान और सर्वोच्च अधिकार अंग्रेजों का होगा। फैक्ट्री और कारखानों के कंपनी में कच्चा माल और मज़दूर हमारे देश के होंगे लेकिन मशीन और तैयार माल अंग्रेजों का होगा।
रूस, चीन, जापान, कोरिया, वियतनाम, थाईलैंड, फ्रांस आदि अनेक देश हैं जो अपने-अपने भाषा को अपनाकर आधुनिक दुनिया में तकनीकी, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में बहुत आगे निकल रहे हैं। कुछ समय बाद ये अमेरिका और दूसरे यूरोपियन देशों से आगे निकल सकते हैं लेकिन हिंदुस्तान अंग्रेजी भाषा को अपनाकर अनेक वर्षों तक इन सभी से पिछड़ा हुआ रहेगा। क्योंकि अपनी मातृभाषा में मनुष्य अपने विचार और ज्ञान-विज्ञान को चरम (अंतिम) सीमा तक पहुंचा सकता है या अपनी पूरी प्रतिभा विकसित कर सकता है। किसी अन्य भाषा को अपनाकर अपने बुद्धि के विचारों को चारदीवारी में बंद करने जैसा है।🎉🎊
💖अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होने में जितनी अधिक खुशियां मुझे प्राप्त होती है शायद यह खुशी मेरे लिए लाखों-करोड़ों की Salary based services से भी बढ़कर है क्योंकि मैं सिर्फ अपने चिंतन मनन के कार्य में व्यस्त रहना चाहता हूं। किंतु किराए का घर और पेट की भूख मुझे दूसरों के गुलामी के लिए मजबूर करती रहती है।🎉🎈⚡
क्यों पूछते हो? क्या हाल है हिंदू शेरों? क्योंकि लकड़बग्घों और भेड़ियों के बीच रहने वाले शेरों के हाल अच्छे नहीं हो सकते। इसका मुख्य कारण है खानपान, रिश्तेदारों के मेलजोल तथा शिक्षा।
लकड़बग्घे, भेड़िए तथा कुत्ते आपस में एक ही थाली में खा सकते हैं। किंतु शेर, बाघ, चीते, तेंदुए या बिल्लियां एक थाली में नहीं खा सकते।
लकड़बग्घे, भेड़िए तथा कुत्ते आपसी रिश्तेदारी में बहुत नजदीकी मेलजोल रखते हैं, एक दूसरे का अधिक ख्याल रखते हैं,प्यार बांटते हैं और हर मामले में सहयोग करते हैं। जबकि शेर, बाघ, चीते, तेंदुए या बिल्लियां रिश्तों में बहुत दूरी वाली मेलजोल रखते हैं, एक दूसरे का ख्याल नहीं रख पाते हैं, आपसी प्यार में बहुत कमी होती है और हर मामले में सहयोग कभी नहीं कर पाते हैं।
लकड़बग्घे, भेड़िए, तथा कुत्ते की शिक्षा में चोरी, लूट, जबरदस्ती छीना झपटी और दूसरे का घर छीन लेने की शिक्षा होती है। जबकि शेर, बाघ, चीते, तेंदुए या बिल्लियां ऐसी शिक्षा और सीख शायद ही कभी सीख पाते हैं।
उपर्युक्त उदाहरण हिंदू, जैन, बौद्ध, पारसी, ओम शांति ओम के धार्मिक या आम लोग शेर, चीता, बाघ, बिल्लियों के प्रतीक हैं जबकि मुसलमानों के अलग-अलग समुदाय लकड़बग्घे, भेड़िए तथा कुत्ते के प्रतीक हैं।
🎉🥳सुनो या ना सुनो, सुनाने तो आया हूं। समझो या ना समझो, समझाने तो आया हूं।। मानो या ना मानो, मनाने तो आया हूं।।। मनु बनो या हिंदू बनो किंतु 🎉राम राष्ट्र🎊 बनाने का संदेशा भी लाया हूं 🎯
🎯राजनीति में बहस करने वाले लोग राज का सत्यानाश करते हैं, समय बर्बाद करते हैं। यदि यह लोकतंत्र की मजबूरी है तो इस लोकतंत्र को बंद करना बहुत जरूरी है। क्योंकि बिना दंड के हार कभी नहीं कबूली है।🎯
🌎📌🎯100 साल के बाद भी छुआछूत को जिसने बढ़ावा दिया, डॉक्टर और दवाई के शोधकर्ता वैज्ञानिकों ने जिसको बहुत अधिक सम्मान दिया, न्याय देने वाले संविधान ने अन्याय का दामन थाम लिया, बीमारी के नामकरण कर्ताओं ने उसे कोविड-19 या कोरोना का नाम दिया।।
ऐसा भी समय आया जब जागरूकता के प्रचार प्रसार करने वाले न्यूज़ चैनलों ने अफवाहों का ब्रेकिंग न्यूज़ बनाकर खूब ज़ोर शोर से घर-बाहर, मनमंदिर हर जगह संचार किया।।।
किस पर भरोसा करें? जब गहरे से गहरे रिश्तों ने भी भेदभाव, छुआछूत, संदेह और डर आदि को अधिक महत्व दिया।।।🎯📌🌎
🎉💕[4/30, 09:39] Amit ( Son Of Kishore Rai): Ek hi jeevan h usko prayog me laga de ki kya shi h kya galat ..apne goals ko achieve krne me time de ya ek hi jeevan h maan kr enjoy kre 😅
[4/30, 12:36] www mastertulshi38: अपने आप को संसाधन बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए और जनकल्याण तथा भक्ति के मार्ग को अपनाते हुए आनंद उत्सव मनाते रहना चाहिए। अपने मनुष्य होने के पुण्य को नष्ट नहीं होने देना चाहिए। देवता भी मोक्ष नहीं पा सकते उन्हें मनुष्य जीवन में आकर मोक्ष पाने के पुण्य कर्म करने पड़ते हैं।🎊💖💕☑️
श्रीलंका में जो आदम पद चिन्ह है वो रावण का दूसरा भाई आदमखोर कुंभकरण का है जो बहुत विशाल शैतान था। वह अपने भोजन में बड़े-बड़े कच्चे फल सब्जी के साथ आदम को भी खा जाता था। अतः आप अपनी जानकारी को और अच्छे से तंदुरुस्त कर लो।
सनातन सूरज है, सनातन मिट्टी आदि पदार्थ हैं, सनातन वायु है, सनातन जल है, सनातन आकाश है और सनातन जीव जंतु हैं, सनातन पेड़ पौधे हैं, सनातन पशु पक्षी हैं आदि अनेक जीव-निर्जीव सनातन हैं जो सदैव थे और सदैव रहेंगे। इनका अस्तित्व पूरी दुनिया से कभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकता है। हमारे पृथ्वी, सूरज, चांद जैसे अनेकों ग्रह, सूरज, चांद-तारे उपग्रह इस ब्रह्मांड में विद्यमान या उपस्थित हैं। यदि हमारी आपकी पहुंच वहां तक नहीं है तो आज ना कल या आने वाले अनेक वर्षों और युगों में हो जाएगी। इसलिए हमें आदम और अल्लाह या श्री हनुमान और श्री राम तक जानकारी को सीमित नहीं रखना चाहिए, इससे आगे बढ़कर और अधिक अच्छे खोज करते रहना चाहिए।
🎉💕पर वाला परिंदा मिले हैं जहां, प्राकृतिक जीवन चक्र सुचारू चले हैं वहां।
हमारी गगनचुंबी भवन में प्राकृतिक संघर्ष की चहचहाहट मिले हैं कहां?
क्यों घूमते हो? जंगलों-पहाड़ों में वहां, सुव्यवस्थित सभी सुख-सुविधाओं वाली सच्ची एकांतवास गगनचुंबी भवन में पड़े हैं यहां ।।🎯🎯🎯
जूठन से घृणा करे, यह झूठी बुद्धिमानी समझ, माया-मानव-मन-मंदिर दिल या मंदबुद्धि संसार।
सर्वत्र व्याप्त जीवन के भोजन-भजन, प्रकाश-पवन, जीव-जंतु सब हैं अनेकों के जूठन फिर भी मांझ-मांझ चमकाए, साबुन-सर्फ लगाए, जल-पवन से बार-बार धोए बन धोबन अपने साफ-सुथरे तन-वसन और बर्तन भंडार।।
निर्मल जल साबुन से धुल चुकी जो स्त्री, उसे अपवित्र कैसे और क्यों माने यह बुद्धिजीवी जन के विचार? गंदगी और जूठन से मैले हैं बुद्धिमानी समझ, माया-मानव-मन-मंदिर दिल या बुद्धिजीवी जन के द्वार।।।
🌹🌺नीम-हकीम खतरा-ए-जान किंतु तुलसी-नीम दोनों भाई जान एवं आयुर्वेद का ‘एक महान वरदान’ जो रोग उपचारों में आते हैं काम।।।
🎯अरे! ओ! ‘आदम’ जागरूकता रूपी अफवाहों पर मत कर ध्यान, तुरंत उपचार की नई तकनीक, चिकित्सक और विज्ञान का कर सादर सम्मान किंतु आयुर्वेदिक सदाबहार चिकित्सा सदैव आएंगे आपके काम।।।🎯
🌹😘 🌺अपनी जानकारी बढ़ा, आस पड़ोस में देख और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी, पेड़-पादप की कर सही पहचान।।।🌹😘🌺
🎉🎊 प्रकृति में आयुर्वेदिक उपचार वाले पौधों की उपज बढ़ाओ, निरोग स्वस्थ काया बनाओ और साथ में बढ़ाओ अपना धन-धान, ऐसे आप बढ़ाओ अपना मान, “देश बनेगा और महान”।।।🎉🎊
नफ़रत की उल्टियां करता है ‘तौकीर रजा’ करता है उल्टी बात। सड़कों पर बुलाना चाहता है कट्टरवादी आतंकवादियों, जिहादियों को और करना चाहता है मोदी मनु जन पर आतंकी आघात।। तौकीर रजा और दूसरे मौलाना किसी से नहीं डरते हैं, जो मर्जी वे करते हैं, सड़कों पर नमाज पढ़ते हैं और सरकार, संविधान, पुलिस आदि को भी दिखा सकते हैं उनकी तुच्छ औकात।।। इस लड़ाई में पहले अनेकों मर जाएंगे इसके बाद बचे हुओं को प्रशासन बचाने आएगी और भाईचारे का सबको देकर जाएगी शिक्षा और सौगात।।।।
अभी भी होश में आओ हिंदुस्तान वालों तुम्हारी दास्तां तक ना मिलेगी दस्तानों में। अनेकों पाल रहे हो सपने, अपने दुकानों और मकानों में।। इससे अच्छा है कुछ बदलाव लाओ अपने अरमानों में।।। स्वयं नहीं तो कम से कम स्वयं का अर्जित 10% तन मन धन अपना योगदान या अर्पित कर दो आप की रक्षा करने वाले रक्षक संगठनों और भाग्यवानों में।।।।
🍤🍷🍾बेकार के खाने पीने की मत पालो बीमारी। अच्छा🍎🍒🍇🍌🥦🥬🌽🥕 खाओ, अच्छा🥛🥤🧃 पियो और अपने परिवार, समाज, देश, दुनिया की संभालो जिम्मेदारी।
दिल्ली शिक्षा सुधार का सिसोदिया, एक के बदले 1 बोतल शराब की फ्री कर दिया। दिल्ली के गली गली में कुल 849 नए निजी शराब के दुकान खोल दिया।। वाह रे! “मनीष सिसोदिया” क्या बढ़िया! शिक्षा सुधार कर दिया, एक घूंट जल के बदले दो घूंट शराब पिला दिया।।। इस मनीष सिसोदिया ने दिल्ली वालों के साथ-साथ परदेसियों को भी शराब पिलाकर बर्बाद कर दिया।।।।
🌎💝💜✨बुराई पर अच्छाई की जीत या फसलों की खुशी का संगीत। गर्मी से राहत भरे स्वागत के लिए, “जगह-जगह रंग-बिरंगे फूलों की बरसात के साथ ठंडी शरबत, खान-पान का मुफ्त भंडार, लगते हैं जहां नाच गाने हंसी मजाक के प्यारे गुलाल, सजते हैं यहां प्रेमी-प्रेमिकाओं के प्यारे-प्यारे जुगलबंदी दरबार” ऐसा है हमारा होली त्यौहार। अब बताओ? क्या ऐसा है आपका व्यवहार?
चलो आने वाले होली का त्योहार आपके जीवन में लाए खुशियां की बहार, आप सभी को मिले बड़ों का हार्दिक आशीर्वाद और छोटों का प्यार।।
💜💖✨💝🌎
ब्राह्मण, वैश्य, शूद्र, क्षत्रिय आदि सभी अलग-थलग सब छोटी मोटी तालाब या नदियों के जैसे हैं एक साथ मिल हिंदू बन जाओ तो सागर के समान विशाल और अथाह बन जाओगे।
🥹📖इस संविधान को बदलना होगा क्योंकि हमारा संविधान हमारे देश का इंजन है। ड्राइवर कितना अच्छा हो! सड़क कितनी अच्छी हो! परंतु इंजन में खराबी हो तो गाड़ी ठीक से नहीं चलेगी🌎🔋✨✨
Supreme court is supereme but not infallible. सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है लेकिन अचूक नहीं है। मेरे सामने गलती करोगे तो बता दूंगा,
गलतियां करोगे तो समझा दूंगा,
बहस मुझसे करोगे तो पीछे हटा दूंगा,
“मान सम्मान प्यारी है मुझको इसलिए मानवता का उपहास मत उड़ाओ” मैं ऐसी सलाह दूंगा,
यदि शैतानी परेशानी करोगे तो जीवन मिटा दूंगा।
यदि नाम में सकारात्मक विश्वास है तो कार्य और फल भी सकारात्मक प्राप्त होंगे। इसलिए मैं प्रार्थना करता हूं कि ‘कोर्ट’ को ‘श्रीराम दरबार’ और ‘जज’ को ‘श्रीराम उत्तराधिकारी जी’ के नाम से संबोधित करें।
“नाम हरिकेश और काम लंकेश” बहुत अच्छा है, रावण की तरह यश मोक्ष को प्राप्त करो मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ है। जिस गली के अंतिम छोर पर जाओगे वहां कोई मोड़ मिलेगा या मंजिल किंतु सागर नहीं मिलेगा।
धूप ले लो धुंआ से बचो, बिन दीवार के कुंआ से बचो, निवेश बाजार ठीक है लेकिन जुआ से बचो और आजकल तो चीन-पठान की बुआ से बचो।
💖मालिक के अनुशासन में रहना, हमारे शान को बढ़ाते हैं, हमारी रक्षा सुरक्षा को सुनिश्चित करते हैं। यह गुलामी का प्रतीक नहीं, जीवन को सही तरीके से जीने का समर्पण और सलामी है।
मेरी “पगड़ी”👳 मेरा सर, क्यों? दिखाये कोई मुझको डर, जानता हूं मैं, कमज़ोर हो चुके सनातनी हिंदू मानसिकता को और कमज़ोर करने वाला चल रहा अभियान है, हर जगह और घर-घर। इसी का कुप्रभाव है और इसी का है बढ़ता असर।।
सिखों की शान👳 है, मुसलमानों का मान👲 है, सबको पसंदीदा पोशाक या पगड़ी धारण करने का अधिकार देता भारतीय संविधान है तो अगर सनातनी हिंदू “बांधे पगड़ी” तो कौन-सा? और किसका? अभिमान है या अपमान है जो दिखता है आपको मेरे सिर🤷😇 पर।
मेरी पगड़ी, मेरा सर, क्यों? दिखाये कोई मुझको डर।।
धूप ले लो धुंआ से बचो, बिन दीवार के कुंआ से बचो, निवेश बाजार ठीक है लेकिन जुआ से बचो और आजकल तो चीन-पठान की बुआ से बचो।
वाहे “गुरु जी” की खालसा(साम्राज्य और शासन), वाहे “गुरु जी” की फतेह(जीत)। जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल।। कांटो भरी दुनिया में गुलाब फूल के समान शीर्ष स्थान प्राप्त करना, कीचड़ बड़ी तालाब में कमल फूल के समान खिलना, “गुरु जी” की कृपा के बिना संभव नहीं है।🎉✅
💯🎯✔️कलयुग के बारे में आपने जितने भी सुनी हैं उनमें से केवल 75% बातें उचित हैं। और इनमें से भी 50% बातें जो बीत चुके हैं और अब कलयुग में अर्थात मशीनों के युग में मशीनों का प्रभाव और प्रयोग बहुत अधिक होगा। मशीनों का श्रेष्ठतम उपयोग व्यक्ति को श्रेष्ठ बनाने में पूरी मदद करेगा और बनाएगा। यह युग आपको सतयुग के द्वार पर पहुंचा देने के लिए बिल्कुल तैयार खड़ी है। इस युग में मशीनों का उपयोग करके हर तरह के गलतियां, चोरियां, बेईमानियां, अपराधियों के अपराध, आतंकवादियों के आतंक आदि पकड़े जाने की क्षमताएं मशीनों में विकसित हो चुकी है। मशीनें सबके साथ समान व्यवहार करने में, व्यक्तियों का उचित उपचार करने में, जख्म को तुरंत भरने में, आयु सीमा बढ़ाने में और आदि अनेक आश्चर्यजनक, अद्भुत कार्यों में सक्षम हो रहे हैं। अतः सतयुग आने वाली है।
गुलाब के फूल किसी शराब की लत से कम नहीं। क़ुरान के कट्टरवादी मूल किसी ख़राब की खत से कम नहीं।।
हिंदू की उर्दू वाली जुबानी के साथ हिंदी के कहानी का मिलन यह एक हिंदुस्तानी संगम है, जवानी की कोई है नहीं भूल। समझ में आए जिसके कोई घर वापसी करे, कोई करे कबूल।। हिंदुस्तानी संविधान है सबके साथ कोई है नहीं मजबूर।।।
Electric wire ke negative-positive point ko on/off switch se jodkar electric circuit(विद्युत परिपथ) banate hain. इसी प्रकार Profit-loss ko ignore karke चुने गये पथ 🎉अग्निपथ🎊 बन जाते हैं।
जीवन में दोनों पथों का ठीक होना बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि short circuit और अनुचित टकराव दोनों अधिक विध्वंसकारी सिद्ध होते हैं। यदि दोनों पथ ठीक हैं तो इसके अनेकों लाभकारी उपयोग प्राप्त होते हैं।
जय हिंद जय श्री राम, बनेंगे सबके बिगड़े काम, जय बागेश्वर धाम, कभी झुकेगा नहीं हिंदुस्तान।।
“बिहार” में “छठ पूजा🌞” का विशेष महत्व है। इस त्योहार में बिहारी सूर्य🌞 के सभी स्वरूपों को नमस्कार! करते हैं जिसमें उगते सूर्य🌄🌞 को अरग देते हैं और ढलते🌄 सूर्य को भी अरग देते हैं और उनका गुणगान करते हैं। यह अपने आप में गगन शक्ति का सम्मान करने वाला एक महान उदाहरण है इसलिए हम कह सकते हैं कि बिहारी कभी गगन ऊर्जा की शक्ति से बहुत अधिक परिचित थे।
भूमि🌎+ गगन🌞💥⛈️⚡☄️🌈✨🎊+ वायु💨🌪️🎉🥳+ नीर💦🌊🏄🌧️🚣😭=“भगवान” अर्थात सभी शक्तियां एकत्रित हो जाएं तो “भगवान” बन जाए । किंतु गगन की शक्ति से अपरिचित होना इसे अधूरा बनाती है। गगन की शक्ति अर्थात सौर ऊर्जा शक्ति, आकाशीय विद्युत शक्ति, अनेक प्रकार के वायु की शक्तियां, उल्का पिंड की शक्तियां इसी प्रकार की इत्यादि शक्तियां हैं।















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