शादी, विवाह या निकाह के बंधन

   


मेरी तो मति गई थी मारी जो घर के कामकाज छोड़कर करने चला पढ़ाई। रास्ते के अंतिम मोड़ पर मिल गई रानी, बर्बाद कर गई जीवन की सारी कमाई।। मेरी तो 😈मति गई थी मारी वरना हो जाती मेरी भी सगाई 💕




किसी ने कहा कि यदि हमें किसी का स्वभाव जानना है तो उसे बोलने दो उसके स्वभाव का ज्ञान हो जाएगा।
Nope! If we want to know about the nature or behaviour about the specific person then we should need to give some useful task to complete by him/her. For example to writing/ speaking about his best subject/work/ people and let him/her doing helping hand with other people or unknown person .नहीं! यदि हम किसी व्यक्ति विशेष के स्वभाव या व्यवहार के बारे में जानना चाहते हैं तो हमें उसे पूरा करने के लिए कोई उपयोगी कार्य देना होगा। उदाहरण के लिए, उसके सर्वोत्तम विषय/कार्य/लोगों के बारे में लिखना/बोलना और उसे अन्य लोगों या अज्ञात व्यक्ति की मदद करने देना।




💖कोई गुलाब खिले हुए जैसे कली खिली हुई, लटें भी खुले हुए जैसे शबाब मिली हुई।।
अभी तक कोई? जवाब मिली नहीं🎊 फिर भी ऐसा लगता है  जैसे कोई? सवाल बची नहीं🎊।।

शरणागत सदैव प्रिय है, हर स्थिति में प्रिय होना चाहिए।

जांच करो लेकिन रामराज्य की संकल्पना को धूल में मत मिलाओ।

दूल्हा-दुल्हन को जेल में रखकर निगरानी करो लेकिन दुल्हन बन के आई पाकिस्तानी भाभी का आदरणीय सम्मान भी करो।

शादी का बंधन तो ऐसा बंधन है जो सदियों से बनी दुश्मनी को दोस्ती में मजबूत रिश्तेदारी में परिवर्तित करने में सक्षम है मेरी तो इच्छा है पाकिस्तान की 100% लड़कियां भारत के लड़कों से शादी करें और भारत में आकर भारत माता की जय बोलती रहे और भारत की सेवा करती रहे। जब किसी देश की बेटियां हमारे देश की बहू बनेगी तो हमारे साले और ससुर जी भी हमारी बर्बादी शायद ही 2% चाहेंगे।

https://myshopprime.com/M..T..G..N/v073dql

दुनिया में सबसे नीच जाती है गरीबी और इसे और भी नीच बनाती है यदि इनके पास आर्थिक कलाओं का अभाव है या विकृत बुद्धि का व्यक्ति है। आर्थिक कलाओं में लिखने-पढ़ने की कला सबसे उत्तम कला है।


आगे देख-पीछे देख, ऊपर देख-नीचे देख,  दाएं देख-बाईं देख, आंख है दो किंतु दृश्य अनेक, यदि तू बंदा है नेक और भीड़ में तेरे गाड़ी की गति है तेज तो अभी लगा दे ब्रेक, वरना अपने आने वाले जन्मदिवस पर काट नहीं पाएगा अपना ही 🎈 Birthday 🎉 🎂 🍰 Cake.
https://myshopprime.com/M..T..G..N/v073dql


❤️संविधान में होने चाहिए(Uniform Civil Code of Marriage) “संविधान विवाह नियम”

विवाह किसी का भी हो, किसी उम्र का हो, किसी धर्म जाति-जनजाति या आदिवासी का हो, धनवान हो या निर्धन हो सभी को विवाह करने का संवैधानिक अधिकार है। विवाह के लिए सभी अपने रीति रिवाज या संस्कृति या खर्च, उपहार, स्वागत-सत्कार आदि के साथ अपने अनेक सगे संबंधियों आदि के अनुसार विवाह कर सकते हैं किंतु इसके लिए अपने नजदीकी न्यायालय में न्यायधीश या मजिस्ट्रेट के देखरेख में वर-वधु दोनों के द्वारा या दोनों पक्षों के द्वारा अपने कुल संपत्ति का 10% जीवन बीमा आयोग में खाता खुलवाना अनिवार्य होना चाहिए और इसका प्रमाण पत्र मिलना चाहिए। इसके साथ ही शर्तें लागू होनी चाहिए कि यदि विवाह के पश्चात कभी भी विवाह के बंधन से अलग होना है या होने पर दोनों पक्षों को पुनः अपने नजदीकी न्यायालय में जाकर वहां के न्यायधीश या मजिस्ट्रेट के देखरेख में अपने खोले गए जीवन बीमा के खाते के लाभ से वंचित होने का स्वयं हस्तांतरण प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा और इसके बाद वर वधु दोनों अपने जीवन बीमा के सभी लाभ से वंचित हो जाएंगे तथा इस धन का उपयोग असहाय, निर्धन आदि नए-पुराने वर-वधू के जीवन में जरूरतों की पूर्ति के लिए उपहार स्वरूप प्रदान करने की संवैधानिक व्यवस्था होने चाहिए।❤️

🏇🤾🏿‍♂️ रानी रानी रानी रानी✨ यही है शीर्षक, यही है कहानी, सुनाएगी खुद अपनी जुबानी, नाम है इसका “रानी”✨।


🎯🏆जो बीत गए थे दिन वो लौट आया है । खुश तो आज आप बहुत होंगे? क्योंकि मैं भी बहुत खुश हूं। आशा है! आगे भी आप खुशी से रहोगे और मुझे भी खुशी के साथ रहने दोगे।🎉💖✨🔋


विवाह में दोनों पक्षों का अधिक से अधिक खर्च होना संबंध को अधिक से अधिक मजबूती प्रदान करती है। यह ठीक उसी प्रकार है जैसे तांबे की तार को मोटी से मोटी प्लास्टिक की परत मजबूती प्रदान करती है।


शादी या निकाह या विवाह:- वधू पक्ष के लिए अपनी बहन, बेटी, भतीजी, पोती, नाती, भगिनी या अन्य रिश्ते की लड़की के लिए जीवन भर उसके साथ ही यौन संबंध बनाने या छेड़खानी करने और जीवन बिताने के लिए धन-संपत्ति, रुपए, उपहार आदि देकर समाजों के बीच मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान करना है। कठोर शब्दों में कहें तो स्त्री जाति के साथ बलात्कार करने के लिए वर को समाज के सामने धन-संपत्ति आदि उपहार आदि देकर मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान कर देना है। दूर के लोगों से विवाह के बंधन वाले रीति-रिवाज़ उस समय की जरूरत थी जब दूर के लोग आपके दुश्मन होते थे। उसके क्षेत्र में प्रवेश करने पर आपके साथ बुरे से बुरा बर्ताव हो सकता था। यह रीति-रिवाज़ आज भी चल रहे हैं, विशेषकर हिंदू समाज में यह बड़े पैमाने पर हिंदू समाज के नजदीकी एकता को बर्बाद करने की व्यवस्था है । इससे हिंदू समाज के आस पड़ोस में दुश्मन बनते जाते हैं और दूर का कोई एक दोस्त बन जाता है जिससे हिंदू समाज के लोग अलग-थलग पड़ जाते हैं। किसी भी समाज के आस पड़ोस में लोगों को एक सूत्र में या एकता में बांधने के लिए विवाह का बंधन बहुत ही मजबूत बंधन है।

लाल दुपट्टा उड़ गया अरे! बैरी हवा के झोंके से, तुझको पिया ने देख लिया है रे! धोखे से।।
शादीशुदा महिला SDM मौर्य ने भारत के कई करोड़ों पुरुष एवं महिला की उम्मीद और विश्वास को झकझोर कर रख दिया है, हवाओं में उड़ा दिया है।।
महिलाओं के प्रभाव 😭😘 और प्रशासन 🤑📚 वाले वर्चस्व ने पुरुषों को अपने हाथ और कदम महिलाओं से पीछे या बहुत दूर  रखने के लिए मजबूर कर दिया है।।
क्योंकि बीते कई वर्षों में पुरुष महिला के मुकाबले बिछड़ते और पिछड़ते जा रहे थे वे अपने आत्मविश्वास से अधिक महिलाओं पर अधिक आश्रित हो गए हैं। इसीलिए यह घटना समाज और देश में पुरुषों के लिए अनेक सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है जिसमें वे अपने आप को अधिक आत्मनिर्भर और स्वयं के प्रयासों, क्षमताओं पर अधिक उम्मीद तथा अधिक विश्वास रखने के लिए सोच सकते हैं।
हम इस सच्चाई और वास्तविकता से दूर नहीं भाग सकते हैं की एक महिला एक से अधिक क्षेत्रों में अपने से निम्नतम पुरुष को अपना जीवन साथी या सम्मान की दृष्टि से कभी नहीं देखती है जबकि एक पुरुष अनेक तरह से संपन्न होने के बाद भी अनेक क्षेत्रों में अपने से निम्नतम स्त्रियों को अपनाने और उनके जीवन को सजाने-संवारने का प्रयत्न करता आया है और अवसर भी प्रदान करता रहा है।
विशेष सूचना कृपया ध्यान दें:🙏✨समस्त ज्ञानेंद्रियों और उपस्थित सभी संभव साक्ष्य आदि का उपयोग करके ही सही निष्कर्ष और सही सोच के साथ सही विश्वास करना अधिक उचित है।



19/01, 12:35] www mastertulshi38: Most precious phrase of the world which makes us very-very precious for that person or someone very-very special for us. Think and thought about it. How does it work?

[19/01, 18:54] www mastertulshi38: दुनिया का सबसे कीमती मुहावरा जो हमें उस व्यक्ति के लिए या किसी के लिए बहुत-बहुत कीमती बनाता है। इसके बारे में सोचो और सोचो। यह कैसे काम करता है?

तिरुवनंतपुरमः नाबालिग बेटी से बार-बार दुष्कर्म, पोक्सो कानून के तहत पिता को 106 साल कैद की सजा, पीड़िता 2017 में गर्भवती भी हो गई थी, जानें मामला


http://dhunt.in/vkIOC?s=a&uu=0x3b451eb22cadfb75&ss=pd

Source : "Lokmat News"  


इस मामले में पिता को यह सज़ा देना उचित नहीं है क्योंकि यदि यह उचित है तो गालियों को सज़ा के रूप में उपयोग नहीं की जाती। बाप-बेटी, मां-बेटा, भाई-बहन आदि के गैर कानूनी सामाजिक संबंध के लिए सजा़ के रूप में गालियां बनी हुई हैं। लेकिन गलत तरीके से गुस्से में लोग इन्हें उपयोग में लाते हैं, यह भी एक दंडनीय अपराध है ।


कौन सुनेगा?, किसको सुनाएं? इसलिए चुप रहते हैं:

     

    
https://www.facebook.com/100027927741458/posts/810003519940565/

18 साल से कम आयु की लड़कियों और 21 वर्ष से कम आयु के लड़कों की शादी के वर्जित होने का दुष्प्रभाव खुलेआम दिख रहे हैं। वर्ष 2021 में समलैंगिकों ने खुलकर करवा चौथ व्रत के त्यौहार को डाबर कंपनी के विज्ञापन के द्वारा प्रदर्शित किया है। कृपया अभी भी समय है प्राकृतिक नियम कानूनों को तोड़कर संवैधानिक नियम कानून बनाने वाले और नियम को कठोरता से पालन कराने वाले न्यायधीश और न्याय कर्मचारी भी सुधर जाएं।

😭 हम अपने बहन-बेटियों को पालते हैं, रक्षा करते हैं और सजाते हैं। किसके लिए ज़रा सोचो? ताकि दूसरे घर के और प्रदेश के लोग और लड़के इन्हें पसंद करें और इनसे शादी करने या करवाने के लिए तैयार हो जाए। शादी शब्द क्या है? शिक्षित लोगों द्वारा अश्लील शब्दों को शिष्टता से प्रयोग में लाई जाती है। शादी अर्थात यौन संबंध बनाने के लिए परिवार और समाज के सभी लोगों की सहमति मिल जाती है।


शादी से पहले भी घर के या परिवार के या सगे संबंधियों के लड़के-लड़कियां या भाई-बहनें दूसरे घर के या परिवार के या उनके सगे संबंधियों के लड़के-लड़कियों से या भाई-बहनों या बेटे-बेटियों से दोस्ताना संबंध रखते हैं या शारीरिक संबंध जैसे यौन संबंध आदि रखते हैं या उनके लिए अपना समय, धन, शरीर, मन आदि का नुकसान करते हैं या खपा देते हैं। उनमें से लगभग 98% लोगोंं की समाज में बहुत बदनामी होती है, उन्हें बहुत बुरा भला कहा जाता है, उनके परिवार बहुत दुुःखी होते हैं, सगे संबंधी बहुत विचलित हो जाते हैं और कई बार अधिक बदनामी के डर से लड़का-लड़की या भाई-बहन या बेटे-बेटियां या परिवार के अन्य लोग तथा सगे संबंधी आदि लोग अपना घर त्याग कर कहीं दूर चलेेे जातेें हैैैैं या आत्महत्या भी कर लेते हैं या दूसरों को मारने या मरवाने केेे लिए तथा बर्बाद करनेेे के लिए हर संभव प्रयत्न करते हैं।


ये सब क्यों हो रहे हैं ? हमारे घर की लड़कियां दूसरे घर के लड़कों के लिए अपने आप को बदनाम कर लेती हैं, बर्बाद कर लेती हैं या उनके द्वारा बदनाम और बर्बाद किए जाते हैं तथा दूसरे घर के लड़कियां हमारे घर के लड़कों के लिए अपने आप को बदनाम कर लेती है, बर्बाद कर लेती है या हमारे घर के लड़कों द्वारा या लोगों द्वारा उन्हें बदनाम किये जाते हैं या बर्बाद किये जाते हैैं। लड़कों के साथ भी यही सब खेल खेले जाते हैं। इन सभी के जिम्मेदार कौन हैं?


क्या हमने प्रकृति के नियम के साथ छेड़छाड़ कर के अपने नियम बनाए नहीं हैं? यह नियम हमने किस लिए बनाए हैं? क्या हमें इससे अधिक सुख की प्राप्ति होती है?



जानकारी प्राप्त कर आंकड़े एकत्रित करो आपको पता चलेगा इससे हमें और हमारे बहन, बेटी, परिवार सहित संबंधी परिवार और समाज को भी कम से कम 90 से 99% दु:ख की प्राप्ति इसी सामाजिक संबंध वाले नियम से होती है । अपने बहनों और बेटियों की शादी के लिए जीवन भर धन अर्जित करते रहते हैं और उनकी शादीशुदा जिंदगी के लिए इन धनों को उनकी और अपनी खुशी के लिए समर्पित कर देते हैं फिर भी हमें 😭 दु:खों की प्राप्ति होती है।



अब आपकी और हमारी सोच🙄 यह कहती है की यदि हमें इससे दुःख की प्राप्ति होती है तो हम क्या करें? समाज में ऐसा सदियों से होते आ रहे हैं । ये समाजिक नियम हैं और इसे हम तोड़ नहीं सकते क्योंकि समाज के लोग क्या कहेंगे? हम उन्हें क्या जवाब देंगे?

लेकिन इन संबंधों के कारण जब हम बहुत दुःखी हो जाते हैं तो हम लड़ते हैं, झगड़ते हैं, मुकदमा दर्ज कराते हैं, कई बार हत्या भी कर देते हैं या मरने-मारने के लिए तैयार हो जाते हैं‌। तब हमें समाज से डर नहीं लगता और हम समाज की परवाह नहीं करते हैं क्योंकि उस समय हमें दुखों से बाहर निकलना होता है या अपने सगे संबंधियों को न्याय दिलवानी होती है या दुखों से बाहर निकालना होता है। जीवन भर और उसके बाद भी दूसरी पीढ़ी द्वारा ऐसी खेल होती रहती है।



हां यदि ऐसी घटना कुछ समय पूर्व में घटी हो तो हम बहुत अधिक सचेत होते हैं और जांच परख कर संबंधों को आगे बढ़ाते हैं और संबंधी चुनते हैं लेकिन उसके बाद भी फिर यही खेल अपने आप को दोहराती रहती है।



क्या हम सगे भाई-बहन को गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड अर्थात लड़का-लड़की दोस्त के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते हैं? क्योंकि परिवार के सगे संबंधियों से अधिक अच्छी दोस्त, दोस्ती या मित्रता तो किसी से होनी असंभव तो नहीं लेकिन बहुत ही दुर्लभ और कठिन है।



क्या हम सामाजिक नियमों के कारण इतने कमज़ोर हो चुके हैं की हम अपने भाईयों-बहनों, बेटे-बेटियों को जवान होने के पश्चात हम उन्हें पति-पत्नी के रूप में नहीं देख सकते हैं? क्योंकि पिताजी और माताजी को बेटी से अच्छी बहू नहीं मिल सकती और बेटा से अच्छा दामाद नहीं मिल सकता। भाई को बहन से अच्छी जानने वाली दोस्त और जीवन में साथ निभाने वाली जीवन संगिनी अर्थात पत्नी नहीं मिल सकती साथ ही बहन को भाई से अच्छा जानने वाला दोस्त और जीवन में हर मुश्किल घड़ी में साथ निभाने वाला जीवनसाथी पति नहीं मिल सकता क्योंकि ये संबंध कई संबंधों से बंधी हुई है जिसमें एक संबंध का बंधन कमजोर पड़ने पर भी दूसरे संबंध का बंधन उसे जोड़ कर रखती और मजबूती प्रदान करती है।



🙏❤️ मेरी राय है यदि हम समस्या और दुखों के मूल को समझ चुके हैं तो हमें इस समस्या के मूल को ही नष्ट कर देनी चाहिए अर्थात अपने समाजिक नियमों में सुधार करने चाहिए और संबंधों को और अधिक सुखी बनाने का प्रयास करने चाहिए। सुधार के लिए हम सामाजिक लोगों में से ही किसी ना किसी को आगे आना चाहिए जिन्हें हम समाज सुधारक बना सकते हैं।



यदि दायित्व नहीं पूरा कर सकते हैं और वक्त को खोना है तो कहावत है की सोना ही सोना है और जब नींद खुली तो आवश्यकताओं की आपूर्ति नहीं हो पाती है और वक्त बीत जाने के बाद कहावत है की समय का खोना ही खोना है अब किसके लिए रोना है। दूसरी तरफ धरती पर अनेक खेल के मैदान हैं, यहां पर अनेक अनाड़ी और खिलाड़ी हैं क्या पता? हम किसके हाथ का खिलौना हैं।













💯🎯Excess everything or anything maybe a bad habit. किसी की या हर चीज की अधिकता एक बुरी आदत हो सकती है। इसलिए सावधान!
कृपया करके प्रकृति की बनाई हुई सभी जीव-जंतु या वस्तु से प्यार करें किंतु अधिक प्यार, लगाव, घृणा, भरोसा या उम्मीदें (hopes) करना आपके आत्मा को परमात्मा से मिला सकता है या आपको पागल बना सकता है या आपके जीवन के सार्थक प्रयासों को बर्बाद कर सकता है।
व्यक्ति अपने संतान या किसी करीबी या अजनबी दूसरे व्यक्ति से अत्यधिक प्रेम या नफरत कर सकता है। ऐसे लोगों को जीवन में बहुत बार बहुत अधिक निराशा होने लगती है। ऐसे असहनीय दुखों के दर्द से बचाना किसी उपचार, दवा या डॉक्टर के लिए लगभग असंभव हो जाती है।








टिप्पणियाँ

लोकप्रिय पोस्ट