कोरोनावायरस का अंत यज्ञ से

  को ना का मतलब समझिए



🌎📌🎯100 साल के बाद भी छुआछूत को जिसने बढ़ावा दिया, डॉक्टर और दवाई के शोधकर्ता वैज्ञानिकों ने जिसको बहुत अधिक सम्मान दिया, न्याय देने वाले संविधान ने अन्याय का दामन थाम लिया, बीमारी के नामकरण कर्ताओं ने उसे कोविड-19 या कोरोना का नाम दिया।।
ऐसा भी समय आया जब जागरूकता के प्रचार प्रसार करने वाले न्यूज़ चैनलों ने अफवाहों का ब्रेकिंग न्यूज़ बनाकर खूब ज़ोर शोर से घर-बाहर, मनमंदिर हर जगह संचार किया।।।
किस पर भरोसा करें? जब गहरे से गहरे रिश्तों ने भी भेदभाव, छुआछूत, संदेह और डर आदि को अधिक महत्व दिया।।।🎯📌🌎

को = कोई

रो  = रोग

ना = नाम का वायु वायरस

अपने और अपने परिवार, समाज, राज्य और देश को बचाने के लिए सभी को योजना बनाकर कोरोनावायरस से लड़ने के लिए तैयार होना चाहिए और अपने अपने घरों में यथासंभव  सनातनी यज्ञ को आरंभ करने चाहिए जिससे वायु में उपस्थित वायरस, हर प्रकार का वायरस निष्क्रिय हो जाए या नष्ट हो जाए।

दूर से यात्रा करके आए हुए लोगों के संपर्क में आने से बचें या उनसे दूरी बनाकर और अपने नाक, मुंह पर मास्क लगाकर, या रुमाल से ढककर बात कर सकते हैं।

दूर से यात्रा करके आए हुए या परदेसी लोगों के वस्तुओं को छूने से बचें या छूने के बाद तुरंत अपने हाथ कपड़े वाले यह बर्तन साफ करने के साबुन से अच्छी प्रकार से साफ करें या सैनिटाइजर से रगड़ कर साफ कर लें।

बीमारी से मुक्ति प्रदान करने वाले भोजन या फूल, पत्ती, पौधे, फल, सब्जी, मसाले आदि का उपयोग अधिक से अधिक नियमित रूप से करते रहें।

“कोरोना वायरस हारेगी, मानवता जीतेगी”

हिंदू सनातनी यज्ञ को प्रत्येक दिशा में दो- 2 km की दूरी पर पूरे देश में एक साथ आयोजित करा कर सभी प्रकार के वायरस या कोरोना वायरस को भारत में या देश-विदेश में नष्ट की जा सकती है।

 सर्वे भवंतु सुखिन:, सर्वे संतु निरामया, सर्वे भद्राणि पश्यंतु, मा कश्चित् दुःख भाग भवेत्। वसुधैव कुटुंबकम्।

WHOLE WORLD WITH THE RAM(Random Access Memory) IN THE  INTELLIGENT MOBILE OR COMPUTER. AND YOU ?


जूठन से घृणा करे, यह झूठी बुद्धिमानी समझ, माया-मानव-मन-मंदिर दिल या मंदबुद्धि संसार। 

सर्वत्र व्याप्त जीवन के भोजन-भजन, प्रकाश-पवन, जीव-जंतु सब हैं अनेकों के जूठन फिर भी मांझ-मांझ चमकाए, साबुन-सर्फ लगाए, जल-पवन से बार-बार धोए बन धोबन अपने साफ-सुथरे तन-वसन और बर्तन भंडार।।

निर्मल जल साबुन से धुल चुकी जो स्त्री, उसे अपवित्र कैसे और क्यों माने यह बुद्धिजीवी जन के विचार? गंदगी और जूठन से मैले हैं बुद्धिमानी समझ, माया-मानव-मन-मंदिर दिल या बुद्धिजीवी जन के द्वार।।।


🌹🌺नीम-हकीम खतरा-ए-जान किंतु तुलसी-नीम दोनों भाई जान एवं आयुर्वेद का ‘एक महान वरदान’ जो रोग उपचारों में आते हैं काम।।।

 🎯अरे! ओ! ‘आदम’ जागरूकता रूपी अफवाहों पर मत कर ध्यान, तुरंत उपचार की नई तकनीक, चिकित्सक और विज्ञान का कर सादर सम्मान किंतु आयुर्वेदिक सदाबहार चिकित्सा सदैव आएंगे आपके काम।।।🎯

🌹😘 🌺अपनी जानकारी बढ़ा, आस पड़ोस में देख और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी, पेड़-पादप की कर सही पहचान।।।🌹😘🌺

🎉🎊 प्रकृति में आयुर्वेदिक उपचार वाले पौधों की उपज बढ़ाओ, निरोग स्वस्थ काया बनाओ और साथ में बढ़ाओ अपना धन-धान, ऐसे आप बढ़ाओ अपना मान, “देश बनेगा और महान”।।।🎉🎊

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