लोकतंत्र नहीं लोकमत देश चाहिए
नियम, कानून, राजनीति तो अनेक हैं लेकिन भारत देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए महात्मा भीष्म और श्री कृष्ण जी की राज नीतियों की अति आवश्यकता है। न्याय भी होगा और दुष्टों का नाश भी होगा।🙏
🎯राजनीति में बहस करने वाले लोग राज का सत्यानाश करते हैं, समय बर्बाद करते हैं। यदि यह लोकतंत्र की मजबूरी है तो इस लोकतंत्र को बंद करना बहुत जरूरी है। क्योंकि बिना दंड के हार कभी नहीं कबूली है।🎯
ब्राह्मण, वैश्य, शूद्र, क्षत्रिय आदि सभी अलग-थलग सब छोटी मोटी तालाब या नदियों के जैसे हैं एक साथ मिल हिंदू बन जाओ तो सागर के समान विशाल और अथाह बन जाओगे।
🥹📖इस संविधान को बदलना होगा क्योंकि हमारा संविधान हमारे देश का इंजन है। ड्राइवर कितना अच्छा हो! सड़क कितनी अच्छी हो! परंतु इंजन में खराबी हो तो गाड़ी ठीक से नहीं चलेगी🌎🔋✨✨
⚡कोई तो उठो जिम्मेदारी के भार उठाने को, कोई तो चलो अच्छाई के साथ निभाने को। कब तक कोई-कोई कहते रहोगे? अतः कल कहो सो अब कहो 💪हम सब हिंदुस्तान के हिंदू हैं, हमें हिंदू राष्ट्र बनाने दो💨🌪️।🎯✨🏆
हम किराए पर रहने वालों के हौसलों का जवाब नहीं, रहने को अपना मकान नहीं लेकिन💖“POK” (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर)अब खाली करो पाकिस्तान, तिरंगा लेकर आ चुका है हिन्दुस्तान।
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असदुद्दीन ओवैसी की घटिया सोच देखो लोकतांत्रिक देश में बहुमत को मोब लिंचिंग का नाम देकर संसद भवन में चिल्ली मारता है और संसद भवन के लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपमानित करता है।
विवाह में दोनों पक्षों का अधिक से अधिक खर्च होना संबंध को अधिक से अधिक मजबूती प्रदान करती है। यह ठीक उसी प्रकार है जैसे तांबे की तार को मोटी से मोटी प्लास्टिक की परत मजबूती प्रदान करती है।
The 🌎world is very big but you can travel on it. Problems and difficulties are too many but you can solve your problems and get out from difficulties one by one. Right now, you have tripple ✨ stars but you need five ⭐✨⭐ stars. यह दुनिया बहुत बड़ी है लेकिन आप इस पर यात्रा कर सकते हैं। समस्याएँ और कठिनाइयाँ बहुत अधिक हैं लेकिन आप अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं और एक-एक करके कठिनाइयों से छुटकारा पा सकते हैं। अभी आपके पास तीन तारे हैं लेकिन आपको पाँच की आवश्यकता है।
सोचो, समझो और बताओ?
क्या चुनाव में वोट देकर सरकार चुनना और न्यायालय की न्याय पर विश्वास करना कायरता है?
देश के प्रधानमंत्री ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेकर यह संदेश दे दिया है कि 5 से 10 लाख लोगों का भीड़ तंत्र सड़कों पर उतर कर लगभग 100 करोड़ द्वारा शांतिप्रिय मतदाताओं द्वारा मतदान करके चुने गए सरकार को विरोधी प्रदर्शन करके झुका सकते हैं, हरा सकते हैं और क्षमा मांगने पर विवश कर सकते हैं।
मोदी जी के हार का एक बहुत बड़ा कारण है की वे अपनों को हर संभव मदद नहीं कर पाते हैं और प्रतिशोध नहीं लेते हैं। जैसे बंगाल के चुनाव में बीजेपी कार्यकर्ताओं को मारा पीटा गया और BJP की हार हो गई।😭
मार खाने और मरने से महान बन्ना जिस गांधी ने सिखाया यह सीख उस गांधीवादी को मुबारक।
हिंदू और हिंदुस्तान को बचाने के लिए श्री कृष्ण-अर्जुन और देवरथ की जरूरत है।
जय हिंद जय श्री राम-कृष्ण जी।
Try करना और fail होना मूर्खता या शर्म की बात नहीं है। But bounce back नहीं करना सबसे अधिक मूर्खता है।🎯✅
👍 कानून में बदलाव करना और इसे ठीक करना या नए कानून लागू करना एक अच्छा कदम है लेकिन सबसे अच्छा यह होता कि अच्छाई-बुराई का गहन अध्ययन और अनुसंधान करके या बड़ी संख्या द्वारा मतदान करवाकर अर्थात लोकमत के द्वारा कोई भी नियम और कानून बनाए जाएं या रद्द किए जाएं या बदलाव किए जाएं या अन्याय के विरोध में न्याय की प्रक्रिया की जाए तो यह अत्यधिक उचित होगा और देश हित तथा मानवता के में होगा। क्योंकि इसके लिए बहुत अधिक गहन अध्ययन या कानून की जानकारी को याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी ।
लोकमत के द्वारा लोग अपने मोबाइल, कंप्यूटर की सहायता से मतदान करके सभी उचित और अनुचित निर्णय के प्रति अपनी सहमति या असहमति प्रदान कर सकते हैं।🎉🎉🎉Changing the law and fixing it or implementing new laws is a good step but the best would be by doing a thorough study and research of good and evil or by getting a large number of votes ie by public opinion.
शस्त्र उठाओ वार के लिए,
शास्त्र पढ़ाओ बेड़ा पार के लिए, मतदान कराओ सरकार के लिए, योगदान बढ़ाओ संसार के लिए, मत घबराओ हार के लिए, जान लगा दो यार के लिए।
जिंदगी मौत ना बन जाए संभालो यारों इन भ्रामक अफवाह फैलाने और अपनी सुविधा के लिए दूसरों को सलाह देते न्यूज़ वालों को, पुलिस वालों को, जिस बीमारी का खुद को पता नहीं उसकी सलाह देने वाले डॉक्टरों को, जनता के हालात से बेखबर नेताओं को, बेकार और दूसरों को परेशान करने वाले तथा अपने आराम के लिए कानून बनाकर पोस्टर या नोटिस चिपका कर लगाने वाले सरकारी कर्मचारियों को या कार्यकर्ताओं को।
सुना है कोरोनावायरस में 10 मीटर की दूरी रखने की नई गाइडलाइंस आई है। मुझे लगता है इस गाइडलाइंस को लाने वाला एक नया पप्पू डॉक्टर आ गया है।
BJP या NDA के पास कांग्रेस या UPA के खिलाफ दोषी ठहराने के हजारों सबूत हो फिर भी सभी सबूत गलत हो जाएंगे, बेकार हो जाएंगे क्योंकि कांग्रेस के पास TOOL KIT है और BJP के पास गांधीवादी नेता और अहिंसा वादी तथा मानवतावादी सलाहकार हैं।
लोकतंत्र भारत जैसे देश में अनेकता को एकता के सूत्र में बांधने हेतु अति उत्तम नहीं है यह बात हमें शीघ्र मान लेनी चाहिए क्योंकि हमारा इतिहास, वर्तमान और भविष्य हमें यह सीख देती आ रही है कि हमारे देश में लोकतंत्र बहुत अधिक सफल नहीं हैं जबकि इसकी विफलता के कारण भारत अनेक बार टुकड़ों में बंट चुका है और आए दिन फिर से भारत का टुकड़ों में विभाजित होने का खतरा बना रहता है।भारत का लोकतंत्र जंगलराज की तरह है जिसके अंदर जो शक्तिशाली है और दूसरों को मारता रहता है शेर की तरह शासन करता है और अपना पेट भरता है। इसके विपरीत जंगल में शांति प्रिय दूसरे जीव जंतु या जानवर जिनके पास खतरनाक नाखून और दांत नहीं है वे बेचारे अपने जीवन के लिए हमेशा संघर्ष करते रहते हैं और बहुत बड़ी संख्या होते हुए भी डर डर कर अपने जीवन को दांव पर लगाते रहते हैं इस प्रकार ये अपना जीवन व्यतीत करते हैं।
भारत में लोकतंत्र स्थापित रखने और उसकी रक्षा के लिए इतना बड़ा संविधान इतनी बड़ी व्यवस्था की गई है जो सरकारों को 10 - 20 वर्षों तक समझ में नहीं आती है। भारत का सामान्य नागरिक इन सभी जानकारियों को जुटाने में कई वर्ष लगा देता है फिर भी उसके समझ में पूरी तरह से नहीं आती है। और जब उन्हें समझ में आती है तब वे थक हार कर बैठ जाते हैं और अपना माथा पकड़ कर सोचते हैं की सबसे अधिक शक्ति तो उसके स्वयं के पास है उसका स्वयं का मतदान करने की शक्ति फिर भी उसे इस देश में न्याय क्यों नहीं मिलती है। बहुसंख्यक लोग जिस नेता को चुनते हैं वही नेता अल्पसंख्यक की रक्षा के लिए बहुसंख्यक लोगों के लिए फांसी का फंदा बनवाता है और बहुसंख्यक लोगों को कड़ी से कड़ी दंड मिलती है। बहुत अजीब विडंबना है की जिस शेर को हम पालते हैं जिस सांप को हम दूध पिलाते हैं वही हमें अपना आहार बनाते हैं। ऐसे लोकतंत्र, ऐसी सरकार कौन रखना चाहेगा?, कौन बनाना चाहेगा? मुझे लगता है कोई भी समझदार आदमी ऐसी मूर्खता नहीं करेगा लेकिन ये सब हम लोकतंत्र के नाम पर लोकतंत्र की रक्षा के लिए करते आ रहे हैं।
उपर्युक्त सभी बातों से मुझे यह विश्वास हो चुका है और बहुसंख्यक लोगों को भी हो चुका होगा की अभी तक हमने समझदार होने का सबूत नहीं दिया है हमने मूर्खता दिखाई है और अपनाई है। इसीलिए भारत की एक बड़ी जनसंख्या भारत को विकसित बनाने के लिए हमेशा कार्यरत और तत्पर रहते हुए भी आज तक भारत विकसित नहीं बन पाया बल्कि शोषित बनकर रह गया है न्याय के नाम पर आए दिन किसी न किसी के साथ अधिकतर अन्याय होती रहती है और अन्याय होने का कारण पूछा तो बोलते हैं कि कानून हमारा अंधा है।
अब हमारे पास लोकतंत्र देश नाम की इतनी बड़ी समस्या है तो समाधान भी बड़ी होगी लेकिन मैं आपको बता दूं की समाधान बहुत बड़ी नहीं है लेकिन समाधान करने के लिए बहुत बड़ी जागरूकता फैलाने और निर्णय लेने वालों की आवश्यकता है।
“लोकतंत्र देश” का समाधान “लोकमत देश” है जो लोकतंत्र से आधे अक्षर कम उपयोग कर लिखते हैं। अर्थात हमें लोकतंत्र देश नहीं चाहिए लोकमत देश चाहिए और उसके बाद हम सभी यह देख पाएंगे और समझ पाएंगे तथा अनुभव कर पाएंगे की वास्तव में लोकमत की शक्ति क्या है?, क्षमता क्या है? और न्याय क्या है?
हमें हमारे शिक्षा में यह पहले ही ज्ञात है कि बहुसंख्यक लोगों की प्रार्थना या निर्णय या न्याय ईश्वर हो या परमेश्वर, आत्मा हो या परमात्मा, सरकार हो या न्यायधीश, समाज हो या देश, परिवार हो या प्रदेश हर जगह शीघ्रता से सुनी जाती है और मानी जाती है। क्योंकि इसमें एक बहुत बड़ी जनसंख्या के लिए उद्धार, कल्याण, विकास आदि निहित होते हैं, उपस्थित होते हैं।
लोकमत देश स्थापित होने पर हम यह देख पाएंगे कि हमारा संविधान जो बहुत बड़ा है अनेक पन्नों का है वह केवल 5 से 10 पन्नों में सिमट कर रह जाएगी, जिसे जानना अधिकतर लोगों के लिए बहुत सरल होगा।
समस्या कोई भी हो, कैसी भी हो, कितना भी कठिन हो यदि सरकार और न्याय करने वालों को दुविधा में डालती है या पक्षपात का आरोप लगाती है तो उसका समाधान लोकमत के द्वारा 24 घंटे के अंदर बहुसंख्यक को संतुष्ट करने वाली होगी और न्याय बहुसंख्यक को संतुष्ट करने वाली ही होनी चाहिए। क्योंकि बहुसंख्यक लोगों में अलग अलग सोच रखने वाले बुद्धिमान और तुच्छ से तुच्छ या छोटी से छोटी जीव जंतुओं और प्रजातियों के हितैषी की कमी नहीं है।
इसीलिए बड़ी संख्या वाले लोगों के लोकमत द्वारा जो भी न्याय होगी, सरकार होगी, विकास होगी, व्यवस्था होगी या कानून बनाई जाएगी उसमें संपूर्ण देश की भलाई है और विकास है।
लोकमत द्वारा कभी-कभी कठोरता देखी जा सकती है लेकिन हम सब यह भली-भांति जानते हैं कि जहां पर एक आदमी को मारकर या दंड देकर अधिक आदमी को बचाई जा सके तो ऐसा अवश्य करनी चाहिए।
देश में लॉकडाउन होनी चाहिए या नहीं होनी चाहिए इसमें लोकतंत्र बिल्कुल विफल हो चुकी है क्योंकि यदि लोकमत होती और लोकमत द्वारा सूचनाएं इकट्ठी की जाति तो पता चलता कि कम से कम देश की 80% जनसंख्या या उससे भी अधिक लॉकडाउन के विरोध में हैं।
लॉकडाउन से केवल और केवल देश की कुल आबादी के 2 से 5% लोगों को लाभ है और बांकी कुछ प्रतिशत लोग जो लाभ हानि से अलग हैं ना उन्हें लाभ है और ना हानि है। जबकि 80% लोगों का हानि है।
हम आधुनिक समय में मोबाइल, कंप्यूटर लैपटॉप, पाम टॉप आदि का बहुत अधिक उपयोग कर रहे हैं और ये हमारे लिए और अधिक उपयोगी हो सकते हैं जब हम इसका उपयोग लोकमत के लिए करना आरंभ कर देंगे लोगों द्वारा अपने मोबाइल और कंप्यूटर या लैपटॉप आदि पर सिर्फ एक क्लिक द्वारा लोकमत की जा सकती है या दी जा सकती है और इसे उपयोग में लाई जा सकती है।
क्रिकेट में हम देखते हैं जब हमारे पास अधिक तकनीक (टेक्नोलॉजी) नहीं थी तब एंपायर द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम निर्णय होता था उसमें कई बार गलत फैसले होते थे लेकिन आधुनिक समय में अधिकतर निर्णय जो कैमरे में रिकॉर्डेड डाटा होती है उसे देखकर थर्ड अंपायर द्वारा ली जाने लगी है, यह बहुत उत्तम है। इसी प्रकार हमें आधुनिक सुविधाओं और साधनों का उपयोग करके अपने देश को लोकमत देश बनाने के लिए आज से ही कार्यरत हो जाने की अति आवश्यकता है।
दुनिया के किसी भी कोने में एक अच्छे हिंदूवादी के साथ अन्याय पूरे हिंदुस्तान के साथ अन्याय है । हमें न्याय दिलाने का हर संभव प्रयत्न करना चाहिए। आवाज दो हम एक हैं।


जब जब दुष्ट व्यवहार, कर्म करने वाली, तीखे स्वर में चाकू, छुरी चलाने वाली महिलाओं पर, स्त्री पर हाथ उठाने वाले लोगों पर या छेड़खानी करने वाले लोगों पर या रेप करने वाले लोगों के लिए भाजपा सरकार कड़ी से कड़ी सजा दिलवाती रहेगी तब तब भाजपा प्राकृतिक नियमों को तोड़ती रहेगी और हारने के कगार पर पहुंच जाएगी और हार भी जाएगी।
जब-जब हिंदू के उच्च जाति वाले लोग कट्टर विचारधारा के होंगे और दूसरे निम्न श्रेणी वाले लोगों के साथ भेदभाव और दुष्टता पूर्वक व्यवहार करेंगे तब-तब भाजपा सरकार हारती रहेगी।
जब-जब जिहादी, आतंकवादी, कट्टरवादी इस्लामिक विचारधारा वाले लोगों को देश में दंगा करने की छूट मिलती रहेगी, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा या मौत की सजा नहीं मिलेगी तब-तब भाजपा सरकार हार के कगार पर पहुंच जाएगी और हार भी जाएगी।
जब-जब हिंदू धर्म के अनुयायी प्राकृतिक संगम, मेल मिलाप, भाई- बहन, गुरु - शिष्या, अध्यापिका - छात्र आदि के प्राकृतिक मेल - मिलाप और आकर्षण की भावना को कट्टरवादी दंडनीय अपराध की विचारधारा से देखते रहेंगे, पत्नी, ब्वॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड घरवाली, बाहरवाली आदि छोटी मोटी गलतियों के लिए कट्टरवादी मानसिकता लेकर कड़ी से कड़ी सजा देने की घोषणा करेंगे। तब तब हिंदू धर्म का ह्रास होगा हिंदू धर्म से लोग भागकर दूसरे धर्म में विश्वास करेंगे।
खाने पीने की चीजों पर रोक लगाने से हिंदू धर्म का बहिष्कार भी हो सकता है। इसलिए भाजपा सरकार ऐसे किसी भी नियम प्रावधान और कानून की सख्ती से परहेज करें जो लोगों के आचार विचार व्यवहार और खान पान को दंडित करने में कड़ी प्रतिक्रिया दिखाती है तो बीजेपी आगे बढ़ती जाएगी नहीं तो हार के कगार पर पहुंच जाएगी और हार भी सकती है।

ड्रग्स माफिया का ब्रेंड एंबेसडर सूअर नवाब मलिक सड़े हुए अंडे, काहे को देशभक्तों के पीछे पड़े,
जय महाराष्ट्रा, जय देशभक्त समीर वानखेड़े।
💯🎯🙏BJP सरकार एक “प्रस्ताव लाओ”, धारा 1991 को लोकसभा और राज्यसभा में अविलंब “रद्द कराओ”, ज्ञानवापी में गौरी श्रृंगार और शिव महादेव जी का भव्य “मंदिर बनवाओ” 🎉 🌞 🙏
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कृपया योगदान करें और दूसरों तक पहुंचाएं:
जवाब देंहटाएंAccount number 37 850 20 100 47126
IFSC code number UBIN0537853
Airtel money/phonepe 75038 73109
विषाणु से विषाणु और ज़हर से ज़हर नष्ट हो जाते हैं।
तुलसी जी आपका ब्लॉक बहुत सटीक और सही चित्रण किया है वाकई हमारे देश को हमारे राष्ट्र को लोकतंत्र नहीं लोकमत यहां सिर्फ तंत्र है लोकतंत्र नहीं है लोकतंत्र के नाम पर सिर्फ दो संख्याओं का शोषण हिंदुओं का शोषण यही हो रहा है हिंदुओं को ठगा जा रहा है किंतु जिस से जिस पर विश्वास करते हैं वही थकते रहते हैं बीजेपी हो r.s.s. हो यह तो जिहादियों का ही गुणगान कर रहे हैं जिहादियों को ही खुश करने में लगे हुए हैं ईसाई मिशनरीज एक तरफ धर्मांतरण कर रहा है सारे साम-दाम-दंड-भेद सारे छल कपट से जो है दूसरी तरफ यह आदि लोग धर्मांतरण लव जेहाद लैंड मीडिया भी हमारी सबसे दोगली और दलाल गद्दार मीडिया है सिर्फ पैसे के लिए कुछ भी झूठ फैलाती रहती है कोई भी जिम्मेदारी नहीं है अपने आप को राष्ट्रवादी बोलते हैं लेकिन एबी पैसे में बहुत जाते हैं यह भी सही चीजों का विश्लेषण नहीं करते हैं टीआरपी के चक्कर में कुछ भी दिखाते रहते हैं ज्यूडिशरी भी टिकी हुई है सब दलाल लोग बैठे हुए हैं पंच मक्कार लोग बैठे हुए हैं यहां आतंकवादियों के लिए नेताओं के लिए कांग्रेसियों के लिए कांग्रेसी लुटेरों के लिए आधी रात को संडे को किसी भी टाइम जो है माननीय बैठ जाते हैं लेकिन एक आम जनता एक निर्दोष आदमी को जैसे मदरसे अल्पसंख्यक आयोग माय नाइटी कमीशन यहां पर सेकंड लार्जेस्ट पापुलेशन है मुस्लिमों के फिर भी यह माइनॉरिटी के नाम पर इनको मोदी सरकार कांग्रेस से ज्यादा तुष्टीकरण कर रही है जबकि यही मोदी जीत है गुजरात में तो वह यह मुसलमानों के नाम पर अलग से कोई स्कीम नहीं चलाते थे वह बोलते थे हमारे लिए सब एक बराबर है हमने कि हम किसी का भी तुष्टिकरण नहीं करेंगे लेकिन हिंदुओं के वोट से गद्दी पर बैठते ही इन्होंने हमेशा हिंदुओं को ही अपमानित किया जाए वह गौ रक्षक हो जाए हमारे साधु-संतों चाय हमारे राष्ट्रवादी देश को बचाने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले बिना किसी स्वार्थ के जो है जिहादियों से बम पंछियों से लोहा लेते रहते हैं लेकिन उन पर झूठे के बताने पर भी मोदी सरकार बीजेपी कभी साथ में नहीं खड़ी होती है और अपना पल्ला झाड़ लेती है जो कि बहुत ही दुखद है देख लीजिए अभी अश्वनी उपाध्याय के ऊपर उनके साथियों को वह किस तरह से रात को 24:00 को गिरफ्तार करके आज तक जेल में डाला हुआ है मौलाना साहब को किस तरह से भगा दिया गया इस तरह से बंगाल में बाकी पूरे देश में कार्यकर्ता हिंदू कार्यकर्ताओं को आरक्षण के कार्यकर्ताओं को मारा जाता है लेकिन आरक्षण को फर्क पड़ता ना बीजेपी को फर्क पड़ता है मोदी जी को फर्क पड़ता है मुश्किल के बैठे हुए हैं विश्वास जीतने में जो है यह तो करता है हिंदुओं का मुंह बंद बहुत तेजी से हो रहा है तू इतने दुखी हैं कि पूछिए मत इसीलिए कई बार हिंदू होटल नाराज हो जाते हैं निराश हो जाते हैं और वोट देने नहीं निकलते हैं या तो फिर सत्ता परिवर्तन कर देते हैं बस लेट हो करके लेकिन बीजेपी के नेताओं को भेजा बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को कोई अकल नहीं आ रही है कोई सुधार नहीं आ रही है बल्कि वह भी जिहादियों कांग्रेसियों के पद चिन्हों पर चल रहे हैं उन्हीं से इनको सर्टिफिकेट चाहिए जो कि बेहद खतरनाक है
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