लॉकडाउन समस्या और समाधान
The 🌎world is very big but you can travel on it. Problems and difficulties are too many but you can solve your problems and get out from difficulties one by one. Right now, you have tripple ✨ stars but you need five ⭐✨⭐ stars. यह दुनिया बहुत बड़ी है लेकिन आप इस पर यात्रा कर सकते हैं। समस्याएँ और कठिनाइयाँ बहुत अधिक हैं लेकिन आप अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं और एक-एक करके कठिनाइयों से छुटकारा पा सकते हैं। अभी आपके पास तीन तारे हैं लेकिन आपको पाँच की आवश्यकता है।
🌎📌🎯100 साल के बाद भी छुआछूत को जिसने बढ़ावा दिया, डॉक्टर और दवाई के शोधकर्ता वैज्ञानिकों ने जिसको बहुत अधिक सम्मान दिया, न्याय देने वाले संविधान ने अन्याय का दामन थाम लिया, बीमारी के नामकरण कर्ताओं ने उसे कोविड-19 या कोरोना का नाम दिया।।
ऐसा भी समय आया जब जागरूकता के प्रचार प्रसार करने वाले न्यूज़ चैनलों ने अफवाहों का ब्रेकिंग न्यूज़ बनाकर खूब ज़ोर शोर से घर-बाहर, मनमंदिर हर जगह संचार किया।।।
किस पर भरोसा करें? जब गहरे से गहरे रिश्तों ने भी भेदभाव, छुआछूत, संदेह और डर आदि को अधिक महत्व दिया।।।🎯📌🌎
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लॉकडाउन ( Lockdown) का फायदा केवल न्यूज़ चैनल वालों को होती है क्योंकि उन्हें अपने न्यूज़ इकट्ठा करने के लिए भीड़ से गुजरनी नहीं पड़ती है।
कृपया लॉकडाउन बढ़ाने के लिए नेताओं को और देश की बेपरवाह जनताओं को जिनके पास रोजी-रोटी की, आजीविका चलाने की ऐसी व्यवस्था है जिससे वे घर से बाहर निकले बिना कई सौ साल तक सभी सुख-सुविधाओं के साथ जीवित हंसते खेलते जीवन बिता सकते हैं। ऐसे लोगों को तरह तरह की बीमारी-महामारी से डराकर लॉकडउन को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित करना या दबाव बढ़ाना और भड़काने की आवश्यकता नहीं है।
न्यूज़ चैनल, समाचार पत्र वालों को ऐसी खबरों का प्रचार प्रसार करने से बचना चाहिए यह देश हित में उचित नहीं है। समाचार पत्र और चैनल वाले स्वयं के हित के लिए देश का नुकसान जानकर या अनजाने में करने लगे हैं क्योंकि यदि लॉकडाउन हुई तो भारत के 40% जनसंख्या हर तरह की आधारभूत सुख-सुविधाओं के कमी के कारण लड़-झगड़ कर मर जाएंगे या दूसरों का झपट ने, छीनने आदि बुरे कार्यों की लत लग जाने के कारण मार कर नष्ट हो जाएंगे।
जिंदगी मौत ना बन जाए संभालो यारों इन भ्रामक अफवाह फैलाने और अपनी सुविधा के लिए दूसरों को सलाह देते न्यूज़ वालों को, पुलिस वालों को, जिस बीमारी का खुद को पता नहीं उसकी सलाह देने वाले डॉक्टरों को, जनता के हालात से बेखबर नेताओं को, बेकार और दूसरों को परेशान करने वाले तथा अपने आराम के लिए कानून बनाकर पोस्टर या नोटिस चिपका कर लगाने वाले सरकारी कर्मचारियों को या कार्यकर्ताओं को।
सुना है कोरोनावायरस में 10 मीटर की दूरी रखने की नई गाइडलाइंस आई है। मुझे लगता है इस गाइडलाइंस को लाने वाला एक नया पप्पू डॉक्टर आ गया है।
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और समाज में आने वाले हर तरह की परेशानियों को मिलजुलकर, आपस में एक दूसरे का योगदान करते हुए नष्ट करने में सक्षम हो चुके हैं। इसलिए किसी भी बीमारी महामारी से बहुत अधिक डराने या घबराने की बात नहीं है क्योंकि मनुष्य के समाज में ही इन सभी बीमारी, महामारी से बचाव के लिए देर सवेर एंटीबॉडी बन जाते हैं जो बचे हुए लोगों को सशक्त और विकसित बनाते हैं।
मनुष्य के समाज में आने वाली समस्या जितनी अधिक गंभीर होती है या होगी, उसका समाधान भी उतनी ही कारगर, मजबूत और बहुत अधिक समय तक चलने वाली, सफल बनाने वाली होगी।
प्रकृति में होने वाली कोई भी घटना बिना कारण के नहीं होती है और कोई भी घटना या कारण मनुष्य को बहुत कुछ या कुछ कुछ अवश्य सिखा जाती है ऐसी सीख मनुष्य को आ गए विकसित होने में मददगार सिद्ध होती है क्योंकि मनुष्य निरंतर सीखने सिखाने वाली प्रवृत्ति का होता है।
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1)= (घ)
2)= (क)
3)= ( ख)
4)=(ग)
5)=(क)
6)=क्योंकि यहां जनसंख्या का एक विशाल भाग निरक्षर, भूखे और बिना घर के जीने को मजबूर हैं।
7) भारतीय अर्थव्यवस्था के कमजोर होने का मुख्य कारण निरक्षर, भूखे और बिना घर के जीने को मजबूर लोग हैं।
8) गरीबी एक स्थिति उत्पन्न करती है जिसमें लोग पर्याप्त आय प्राप्त करने में असफल हो जाते हैं इसीलिए वो जरूरी चीजों को नहीं खरीद पाते हैं।
9) एक निर्धन व्यक्ति अपने जीवन में मूल आवश्यकताओं के बिना जीता है जैसे भोजन, कपड़े, स्वच्छ जल, रहने के लिए घर, उचित शिक्षा आदि आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाते हैं। इसे मूल आवश्यकताओं के बिना जीना कहते हैं।
10) निर्धनता का मुख्य कारण उचित कला-कौशल, शिक्षण-प्रशिक्षण आदि का अभाव है।
11) = (क) निर्धनता का मुख्य कारण उचित कला-कौशल, रोजगार बढ़ाने के शिक्षण-प्रशिक्षण आदि की उचित व्यवस्था नहीं है।
(ख) निर्धनता को दूर करने के लिए उचित कला-कौशल, रोजगार बढ़ाने के तरीके आदि के शिक्षण प्रशिक्षण की उचित व्यवस्था करनी चाहिए और सभी को सीखने सिखाने के अवसर मिलने चाहिए।
(ग) मेरे पास गरीबी दूर करने के लिए बहुत अच्छी उपाय है, योजना है इस योजना के अनुसार हर व्यक्ति को कला और कौशल को सीखने-सिखाने का मुफ्त में आजीवन उचित अवसर मिलना चाहिए तथा उसे रोजगार उत्पन्न करने का प्रशिक्षण तथा धन संबंधी सरकारी सहयोग मिलनी चाहिए। और यदि व्यक्ति स्वयं अपनी इच्छा से बेरोजगारी उत्पन्न करता है तो उसकी सुख सुविधाओं को दंड के रूप में छीन लेनी चाहिए। जैसे उसके घर की बिजली की सप्लाई काट देनी चाहिए और उसके पास ऐश्वर्य के जो भी साधन है उसके उपयोग को वर्जित कर देने
चाहिए।
(घ) सभी नागरिक को उसकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति मुफ़्त में कराने की सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए लेकिन ब्याज समेत उसकी वसूली भी सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
(च) देश की सेवा करने वाले, रोजगार उत्पन्न करने वाले, देश की उन्नति में अपना योगदान देने वाले आदि लोगों का प्रोग्रेस कार्ड बनना चाहिए और उसके आधार पर उसकी सुख सुविधाओं को बढ़ा देनी चाहिए तथा उचित समय पर सेवानिवृत्त होने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
(छ) मेरे द्वारा बहुत गहन अध्ययन और आंकलन करने के बाद मैं यह दावा कर सकता हूं कि उपर्युक्त जितने सुझाव, उपाय और योजना मैंने दर्शाई है अगर इसे अपनाया गया तो देश में गरीबी और बेरोजगारी से मुक्ति मिल जाएगी तथा बेरोजगारी कम से कम 95% खत्म हो जाएगी।
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