Learn To Live Because Our World Is One.(जीना सीख लो क्योंकि हमारा संसार एक है।)



🎉🎊घर में मां तो घर मंदिर, मन में मां तो मन मंदिर और जगत में मां तो जग मंदिर।। जो मैं कहूं हां तो हां है, जो मैं कहूं ना तो ना है, हमें ढूंढे जिनकी ममता भरी आंखें हर पल वो तो हमारी मां है।। जिसकी तुलना दूसरी लड़की, नारी कोई कर नहीं सकती ‘निसंदेह वह भी किसी की मां है’।। अधिकार मांगे मां से आगे करके मां की तुलना, ऐसी लड़की से करो हमेशा आर-पार की घृणा।।🥳🎈🎯🎯🎯


जूठन से घृणा करे, यह झूठी बुद्धिमानी समझ, माया-मानव-मन-मंदिर दिल या मंदबुद्धि संसार। 
सर्वत्र व्याप्त जीवन के भोजन-भजन, प्रकाश-पवन, जीव-जंतु सब हैं अनेकों के जूठन फिर भी मांझ-मांझ चमकाए, साबुन-सर्फ लगाए, जल-पवन से बार-बार धोए बन धोबन अपने साफ-सुथरे तन-वसन और बर्तन भंडार।।
निर्मल जल साबुन से धुल चुकी जो स्त्री, उसे अपवित्र कैसे और क्यों माने यह बुद्धिजीवी जन के विचार? गंदगी और जूठन से मैले हैं बुद्धिमानी समझ, माया-मानव-मन-मंदिर दिल या बुद्धिजीवी जन के द्वार।।।

10 वर्षों में हम 120 से अधिक किताबें पढ़ लेंगे
परंतु हमारे लिए उचित प्रकार से 10 कहानी सुनाना भी मुश्किल होता है। लेकिन 10 वर्षों में केवल एक किताब ढंग से पढ़ते रहे तो उस किताब की हर कहानी,अनुच्छेद, वाक्य व शब्द की पूरी जानकारी पन्नों की संख्या के साथ हमारे पास होगी।
इसे कहते हैं विशेषज्ञता इस प्रकार हम उस किताब में लिखी हर शिक्षा के विशेषज्ञ बन जाते हैं।

📖🌎✨🏆जीवों के लिए थककर थमना प्राकृतिक मज़बूरी है किंतु थकने के बाद दम लेकर अपने कार्य में रम जाना भी ज़रूरी है।
इसी प्रकार ठंडी में जमकर ठोस बने द्रव्यों को गर्मी में पिघलना पड़ेगा और यदि बढ़ जाए गर्मी तो वाष्पित होकर वायु के साथ विचरणा पड़ेगा, यह कहानी अभी अधूरी है।।
पुनः वाष्प से द्रव और द्रव से ठोस में परिवर्तित होगी तब यह जल चक्र की कहानी पूरी है।।।
 ऐसी जल चक्र की प्राकृतिक संरचना है, जैसा जिसका उपयोग वैसे ही रचाना है। जल के साथ जीने के लिए यह सीख हमारी धुरी है और जलचक्र ही इसकी चूड़ी है।।।।🌎✨💖

मैं

यह मानता हूं की लोगों में कुछ समय के लिए मतभेद हो सकती है, नासमझी हो सकती है, गलत विचार उत्पन्न हो सकते हैं, हिंसा और द्वेष उत्पन्न हो सकते हैं, लेकिन मैं स्वयं और जिनके संपर्क में मैं हूं चाहे वे मेरे परिवार के सदस्य हैं, दोस्त हैं, समाज है, जनता है, या मानवता रूपी रिश्तेदार है या अपने अनुसार जीवन जीने वाला सजीव साथी है। मैंने जितना उनको समझा है और समझाया है उसका सार यह है की हम किसी को भी अपना शत्रु नहीं मानते हैं और बद नियत से किसी के लिए बुरा करने का प्रयत्न नहीं करते हैं। हमेशा कुछ भी करते समय, कोई भी योजना बनाते समय, कोई भी कानून बनाते समय, हम और हमारे सहयोगियों के ये प्रयास होते हैं की हमारे हर योजना, हमारा हर काम, हमारा हर कानून, ज्यादा से ज्यादा लोगों को, प्राणियों को, जीव जंतुओं को लाभ पहुंचाए। उनके लिए हितकारी हो, उनकी रक्षा-सुरक्षा और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने में अधिक सहायक सिद्ध हो, उनके विकास से विकसित के सफर को सफल बनाने में बहुत अधिक सहायक हो। लेकिन इन सभी प्रयासों के बीच बहुत सी गलतियां हो जाती है, कमियां रह जाती है, लोगों को दुःख, परेशानी झेलनी पड़ती है, कई बार जान माल की भी हानि हो जाती है। इसका हमें सदैव दुःख रहता है और परेशानियों और बेचैनियों के कारण हम बेचैन रहते हैं हमारी नींद उड़ जाती है और इन सभी दुखों को दूर करने के लिए हम अपनी बची हुई जीवन को सभी की सेवा करते हुए यही हमारी आशा होती है की बलिदान कर दें।
हमारा किसी से भी मतभेद नहीं है चाहे वो तुच्छ हो या महान, कमजोर हो या शक्तिमान, गोरा हो या काला, नीच कर्म करने वाला हो या उच्च कोटि का कर्म करने वाला, अज्ञानी, अनपढ़ हो या ज्ञानवान पढ़ा लिखा, भिखारी हो या राजा, घर का हो या बाहर का, स्वदेशी हो या विदेशी, स्त्री जाति का हो या पुरुष जाति का, निर्धन हो या धनवान, हिंदू हो या सिख ईसाई मुसलमान, उदारवाद हो या कट्टरवाद, जिहादी हो या आतंकवादी इससे बड़ी बात नहीं बोल सकते, इससे ज्यादा छूट नहीं दे सकता लेकिन सभी के अंदर मानवता हितकारी योजना या कम से कम मानव हितकारी सोच होनी चाहिए। हम मानवतावादी हो या राष्ट्रवादी हम उन से प्रेम करते हैं और सभी का जीवन और सभी से प्रेम की इच्छा करते हैं। सभी का जीवन सुखी समृद्धिशाली और सदुपयोगी बनाने के लिए हम सभी निरंतर प्रयत्नशील रहते हैं।
इसलिए हम कह सकते हैं और कहते-कहते आ रहे हैं की “सर्वे भवंतू सुखिना, सर्वे संतु निरामया, सर्वे भद्राणि पश्यंतु, मा कश्चित् दुःख भाग भवेत्, वसुधैव कुटुंबकम्” अर्थात पूरा विश्व हमारा सगा संबंधी परिवार है, हम हर जगह भाईचारा देखना चाहते हैं, हर किसी को बीमारी से मुक्त और खुशहाल देखना चाहते हैं।
Please donate and share
A/c no. 37850 20100 47 126
IFSC code no. UBIN0537853
Airtel money/ phonepe no. 75038 73109
Research idea to fight against from coronavirus:
Strong virus can generate antibody vaccines to fight against coronavirus or to destroy coronavirus.



Manoj Pandey  गांधी का फोटो हटाकर सरदार वल्लभ भाई पटेल जी, श्री सुभाष चंद्र बोस जी, का या देशभक्त क्रांतिकारी भगत सिंह जी का फोटो लग जाए तो मेरे जैसे करोड़ों भारतीय है जो पांच सौ का नोट 1000 या उससे भी फालतू के महत्त्व में लेना पसंद करेंगे क्योंकि बलिदान देने वाले और बलिदानियों को बचाने वालों के लिए हमारे मन में अधिक महत्व है और वे हमारे लिए अनमोल हैं।
दूसरी बात हम जैसों को फालतू समझने की भूल मत करो क्योंकि हम अपनी आजीविका चलाने के लिए पूरी निष्ठा पूर्वक देश की सेवा करके धन अर्जित करते हैं और अतिरिक्त समय भी देशद्रोहियों, जिहादियों और आतंकवादियों की गतिविधियों को रोकने और देश भक्ति के साथ-साथ देश का मान सम्मान आगे बढ़ाने के लिए ऑनलाइन एक्टिव रहते हैं।
तीसरी बात हमारे घर वाले हमारी बातों को 100% स्वीकार करते हैं क्योंकि हम फालतू नालायक बच्चों की तरह फालतू चीजों के लिए बार-बार हम अपने परिवार या बड़ों को निवेदन करके तंग करना पसंद नहीं करते हैं। हमें परिवार के साथ साथ समाज और देश की सेवा करना भी हमारे परिवार वालों ने हमें सिखाया है।
चौथी बात यदि हमारी किसी भी पोस्ट से आपका माइंड डाइवर्ट होता हो तो कृपया हमें अनफ्रेंड कर दें या ब्लॉक कर दें ।
धन्यवाद
जय हिंद, जय श्री राम, देश दुनिया से मिटेगा देशद्रोहियों, जिहादियों, आतंकवादियों का नामोनिशान, करते रहो प्रतिदिन अच्छे काम, धोखेबाजी और नकली सामान के लिए चीन है बदनाम, इसलिए स्वदेशी अपनाओ और देश का बढ़ाओ मान और सम्मान।
“सबका साथ, सबका विकास” यही है नए भारत का उचित प्रयास।

खत्म होती है जहां पर गुस्से की सोच भगवाधारी की, वहीं से शुरू होती है बदले की सोच नापाक पाकिस्तानी की। भगवे ने जागरूकता जगाई हिंदूवादी की और पाकिस्तानी ने फौज बनाई जिहादी-आतंकवादी की ।

टिप्पणियाँ

लोकप्रिय पोस्ट