भारत, चीन, अमेरिका का आर्थिक मोर्चा





चीन जो कुछ भी कर रहा है भारत को आर्थिक मोर्चे पर पीछे धकेलने के लिए कर रहा है और भारत, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका से एक साथ लाभ कमाने के लिए कर रहा है। इसलिए सबसे पहले पाकिस्तान का नामोनिशान एक झटके में मिटा दो। यह झटका इतनी तेज, इतनी जोरदार, इतनी धमाकेदार होनी चाहिए जिससे चीन देश के कान के पर्दे फट जाए तभी भारत 2020 का आत्मनिर्भर और शक्तिमान देश होगा।
भारत के पास चीन को हर मोर्चे पर पीछे धकेलने के लिए इससे अच्छा अवसर शायद फिर कभी नहीं होगा इसलिए इस अवसर का भरपूर योग करके चीन को हमेशा के लिए पीछे धकेल दो जिससे वह फिर से किसी देश के ऊपर अपनी जहरीली नजर ना उठा सके।
चीन ने पाकिस्तान के ऊपर बहुत बड़ा इन्वेस्टमेंट कर रखा है यदि पाकिस्तान का नामोनिशान मिट गया तो चीन की अर्थव्यवस्था 80 फ़ीसदी नीचे चली जाएगी और इसके बाद चीन किसी भी देश में अपना इन्वेस्टमेंट नहीं कर पाएगा और यदि करना भी चाहेगा तो करने से बहुत डरेगा।
इसके बाद भारत से डर कर दोस्ती बनाकर रखना चीन की मजबूरी हो जाएगी।
चीन की धोखेबाजी, सबसे सस्ती और नकली सामान, आधुनिक सामान वाले हानिकारक प्लास्टिक से बनी वस्तुओं की बाजार ने अच्छे देशों के बाजार को विशेषकर अमेरिका, जापान, कोरिया, थाईलैंड, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी भारत, ऑस्ट्रेलिया, इजरायल रूस आदि अनेक देशों के बाजार में अपनी जगह बनाकर वहां पर ड्रैगन की तरह नुकसान कर रहे हैं और ज़हर फैला रहे हैं। जिसके कारण अमेरिका, जापान, रूस और भारत को बहुत अधिक आर्थिक नुकसान, सामाजिक नुकसान और देश की संप्रभुता का नुकसान, रक्षा सुरक्षा का नुकसान आदि अनेक प्रकार से नुकसान का सामना करनी पड़ रही है जो बहुत खतरनाक है और आने वाले समय में पूरी दुनिया पर चीन की विस्तार वादी और दूसरों को गुलाम बनाकर शोषण करने वाली सोच को बल मिलती जा रही है।
कुटिल कपटी चीन की खतरनाक ड्रैगन वाले जहरीले जहर को फैलने से तत्काल बिना देर किए बहुत जोरदार धमाकेदार झटका देनी बहुत आवश्यक है वरना बहुत देर हो जाएगी।




1)= (घ)

2)= (क)

3)= ( ख)

4)=(ग)

5)=(क)

6)=क्योंकि यहां जनसंख्या का एक विशाल भाग निरक्षर, भूखे और बिना घर के जीने को मजबूर हैं।

7) भारतीय अर्थव्यवस्था के कमजोर होने का मुख्य कारण निरक्षर, भूखे और बिना घर के जीने को मजबूर लोग हैं।

8) गरीबी एक स्थिति उत्पन्न करती है जिसमें लोग पर्याप्त आय प्राप्त करने में असफल हो जाते हैं इसीलिए वो जरूरी चीजों को नहीं खरीद पाते हैं।

9) एक निर्धन व्यक्ति अपने जीवन में मूल आवश्यकताओं के बिना जीता है जैसे भोजन, कपड़े, स्वच्छ जल, रहने के लिए घर, उचित शिक्षा आदि आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाते हैं। इसे मूल आवश्यकताओं के बिना जीना कहते हैं।

10) निर्धनता का मुख्य कारण उचित कला-कौशल, शिक्षण-प्रशिक्षण आदि का अभाव है।

11) = (क) निर्धनता का मुख्य कारण उचित कला-कौशल, रोजगार बढ़ाने के शिक्षण-प्रशिक्षण आदि की उचित व्यवस्था नहीं है।

(ख) निर्धनता को दूर करने के लिए उचित कला-कौशल, रोजगार बढ़ाने के तरीके आदि के शिक्षण प्रशिक्षण की उचित व्यवस्था करनी चाहिए और सभी को सीखने सिखाने के अवसर मिलने चाहिए।

(ग) मेरे पास गरीबी दूर करने के लिए बहुत अच्छी उपाय है, योजना है इस योजना के अनुसार हर व्यक्ति को कला और कौशल को सीखने-सिखाने का मुफ्त में आजीवन उचित अवसर मिलना चाहिए तथा उसे रोजगार उत्पन्न करने का प्रशिक्षण तथा धन संबंधी सरकारी सहयोग मिलनी चाहिए। और यदि व्यक्ति स्वयं अपनी इच्छा से बेरोजगारी उत्पन्न करता है तो उसकी सुख सुविधाओं को दंड के रूप में छीन लेनी चाहिए। जैसे उसके घर की बिजली की सप्लाई काट देनी चाहिए और उसके पास ऐश्वर्य के जो भी साधन है उसके उपयोग को वर्जित कर देने

 चाहिए।

(घ) सभी नागरिक को उसकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति मुफ़्त में कराने की सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए लेकिन ब्याज समेत उसकी वसूली भी सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

(च) देश की सेवा करने वाले, रोजगार उत्पन्न करने वाले, देश की उन्नति में अपना योगदान देने वाले आदि लोगों का प्रोग्रेस कार्ड बनना चाहिए और उसके आधार पर उसकी सुख सुविधाओं को बढ़ा देनी चाहिए तथा उचित समय पर सेवानिवृत्त होने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।

(छ) मेरे द्वारा बहुत गहन अध्ययन और आंकलन करने के बाद मैं यह दावा कर सकता हूं कि उपर्युक्त जितने सुझाव, उपाय और योजना मैंने दर्शाई है अगर इसे अपनाया गया तो देश में गरीबी और बेरोजगारी से मुक्ति मिल जाएगी तथा बेरोजगारी कम से कम 95% खत्म हो जाएगी।





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