
अब राकेश टिकैट की बात करो यह किसान का नेता नहीं है बल्कि दुश्मन है इसने देश के किसानों का बहुत बड़ा नुकसान किया है बीजेपी सरकार ने पुरानी इतिहास और आधुनिक विज्ञान तथा आम लोगों और व्यापार जगत की मांग को पढ़कर किसानों को समृद्ध बनाने हेतु उनके कार्यों में सुधार करने हेतु कुछ कानून जनता के समक्ष सुझाव के लिए रखे थे जिसे किसानों द्वारा समझ लेने पर और इसे अपनाने तथा स्वीकार कर लेने पर कृषि भूमि का फूड प्रोडक्ट बनाने वाले व्यवसाईयों या कंपनियों के साथ योग किया जाना था और भूमि सुधार के लिए अनेक प्रकार के योजनाओं को उपयोग में लाकर किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने हेतु प्रतिमाह भूमि के क्षेत्रफल के अनुसार एक निश्चित वेतन के साथ सभी स्थानीय किसानों को रोजगार भी उपलब्ध कराना था और देश के विकास के साथ योग करके विकसित कृषि का प्रोजेक्ट जनता के समक्ष सुझाव में रखे थे तथा किसानों के फसलों का उचित M.S.P और M.R.P देकर सीधे किसानों को लाभ पहुंचाना था लेकिन राकेश टिकैट ने अपने आप को किसान और सरकार के बीच बिचोलिया बनाकर सरकार और किसान दोनों को ठगने के लिए अनेक प्रकार के शर्तें रख दी सरकार ने इस बिजोलिया को स्वीकार नहीं किया परिणाम स्वरूप इस ने किसानों को गुमराह करके, भड़का कर सरकार और किसानों में लड़ाई करवा दी जिससे अनेक देश के अनेक फौजी, C.R.P.F और पुलिस तथा किसान भाइयों की जान चली गई इसके बाद भी इस ने हर नहीं मानी और तीनों कानून वापिस करने के लिए हर तरह के हथ-कंडे अपनाकर दिल्ली की हाईवे सड़क जाम करके दिल्ली को बंधक बनाकर और आंदोलन करके कानून को लागू होने से पहले वापिस करवा दिया है। हमारी नजर में यह राकेश टिकैट किसानों का नेता नहीं बल्कि परजीवी अर्थात पैरासाइट है। परजीवी ऐसे जीव होते हैं जो हमें पूरी तरह से मारे बिना हमारे शरीर के पोषक तत्व या खून आदि चूस कर अपना पालन पोषण करते हैं।
मुझे भी डरातें हैं कपटी लोग और मैं डर भी जाता हूं पता है क्यों? क्योंकि मैं सगे-संबंधी, दोस्त और अपनों से दूर हूं, परेशानी नहीं चाहता इसलिए अकेला मजबूर हूं।
😭मैं भारत सरकार, हरियाणा सरकार और पुलिस की सोच और कार्य शैली की घोर निंदा करता हूं, साथ ही ऐसे कानून व्यवस्था जिसमें भारत के आन और शान को बुलंद करने वाले हौसले को तोड़ कर रख देने वाली व्यवस्था की भी घोर निंदा करता हूं।
यदि सुशील कुमार अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान आदि किसी अन्य देश में भी होता तो इस हत्या के अपराध के लिए अधिक से अधिक इसे सजा तो मिलती लेकिन इसकी असली सजा केवल उसके द्वारा जीवन भर के अर्जित कमाई का 70% जुर्माने के तौर पर वसूल कर के उस परिवार के उचित लालन-पालन के लिए दिया जाता जिसके अपराधी सुशील कुमार हैं और वह भी गोपनीय तरीके से, इसे उजागर नहीं की जाती की सुशील कुमार एक अपराधी है और इसकी सजा इसे मिली है।
सुशील कुमार जोकि ओलंपिक खेल में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक विजेता है। वह भारत के लिए या उस देश के लिए हमेशा शान बना रहता और निरंतर जीवन में आगे बढ़ता रहता साथ ही वह पश्चाताप की जिंदगी भी व्यतीत करता रहता और उसका प्रायश्चित भी हो जाता।🎉

मौत के खलनायकों जैसे आतंकवादी और बीमारी जैसे जिहादी, अल कायदा, आईसिस(ISIS), हमास, हिज्बुल मुजाहिदीन आदि को फैलाने वालों को उचित और मुंहतोड़ जवाब देने वाले या जवाबी कार्य करने वाले जैसे “महान देश इजराइल, अमेरिका, फ्रांस, और जापान तथा इंग्लैंड” और महान व्यक्ति जैसे स्वामी रामदेव, श्री राजीव दीक्षित जी, श्री पुष्पेंद्र जी, या नरेंद्र मोदीजी, बापू आसाराम जी, स्वामी नरसिंहानंद सरस्वती जी, नाथूराम गोडसे जी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, डॉ राम मनोहर लोहिया जी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, श्री आरिफ मोहम्मद जी, श्रीमती सुबुही खान जी, स्वामी विवेकानंद जी, दुनिया भर में प्रचलित भारतीय योग, आयुष और आयुर्वेद की दवाइयां और उपचार और जांच परख कर की गई खोज, विज्ञान और वैज्ञानिकों आदि सभी को भारत देश के कुछ लोग समर्थन कर पाते हैं और अधिकतर लोग खामोश बैठे रहते हैं, तमाशा देखते रहते हैं और कुछ लोग दुनिया भर के समर्थन जुटाकर इन पर प्रतिबंध लगाते हैं, इन्हें परेशान करते हैं और इनके मृत्यु का कारण बन जाते हैं।
इन पर प्रतिबंध लगाने वाले इन्हें परेशान करने वाले इनके मृत्यु का कारण बन जाने वाले लोग और इनकी कार्यशैली, विचार शैली आदि भारत देश की मजबूरी है।
भारत देश की मजबूरी बनने वाले यह लोग कौन हैं?
ये लोग हैं भारत के भ्रष्टाचारी नेता, घूसखोर कर्मचारी, लोभी कार्यकर्ता, क़ुरान और जिहाद को मानने वाले कट्टरवाद मुसलमान, फार्मा और एलोपैथी दवाई तथा उपचार के कट्टरवादी समर्थक, नशा के लत में पड़े हुए या नशीले पदार्थों का व्यापार करने वाले लोग और देश में हमेशा अपने फायदे के लिए दूसरों के मेहनत की कमाई को आसानी से हड़पने के लिए उपयोग में लाने वाली ऐसी चीजें जो लोगों को लत लगा देती है जैसे मिलावट और नकली चीज जो स्वाद में लत लगाती है और उपयोग में लाई जाती हैं जैसे बिस्कुट, नमकीन, कुरकुरे, चिप्स, मैगी, पास्ता, चॉकलेट, कॉफी, चाय,कैंपा कोला, पेप्सी, थम्स अप, माउंटेन ड्यू आदि खाने पीने की चीजें तथा खेल कर, नाच गाकर उन्हें माया जाल में फंसा कर धन अर्जित करने वाले लोग भारत देश की मजबूरी है।

कब तक हम आखिर कब तक श्रद्धांजलि दे देकर अपने आप को दिलासा देते रहें? भारत देश के नेता और रक्षा सुरक्षा करने वाले अधिकारी कब सुधरेंगे? जिसका जी चाहता है वह भारत वासियों को पीट-पीटकर अपनी इच्छा पूरी कर लेता है और शांति का पाठ पढ़ा कर चला जाता है फिर चाहे बांग्लादेश हो या नेपाल, पाकिस्तान हो या चीन आदि देशद्रोही, जेहादी, आतंकवादी कोई भी भारत के निर्दोष, कमजोर, बुद्धिमान और शक्तिमान को भी हर जगह पीट पीट कर चले जाते हैं। और हम भारत वासी घर में बैठकर सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते रहते हैं तथा शहीदों को श्रद्धांजलि देते रहते हैं।
भारत में जो लोग देश के लिए लड़ना चाहते हैं उन्हें रक्षा सुरक्षा के कार्यकर्ता और अधिकारी नहीं बनाये जाते हैं। रक्षा-सुरक्षा के कार्यकर्ता और अधिकारी के रूप में उन्हें चुना जाता है जिनकी लंबाई-चौड़ाई और दूसरे तरह की बकवास परीक्षा लेकर भर्ती कर लिये जाते हैं। सेना और रक्षा सुरक्षा के लिए देश के कायर लोगों को जो सिर्फ दिखावटी मार्चिंग स्टाइल दिखाते हैं उन्हें सेना में चुन लिये जाते हैं।
जिसने जी-जान से बहुत अधिक धन लगाकर पढ़ाई-लिखाई पैसा कमाने के लिए किए हों, उसे सेना में रक्षा सुरक्षा के लिए रखोगे तो पहले तो वह देश को बेचकर भी अपनी पॉकेट भरना चाहेगा अगर ऐसा नहीं कर पाया तो कायर बनकर सिर्फ अपनी और अपने परिवार की जान बचाएगा और हित देखेगा तथा देश को शर्मसार कर जाएगा।
जो लोग या विद्यार्थी विद्यालय में किसी भी शिक्षक की बात नहीं मानते हैं, अश्लील हरकतें करते हैं और निर्दोषों पर अत्याचार करना चाहते हैं, शिक्षकों को पीटना चाहते हैं उन्हें पुलिस बना दिए जाते हैं। पुलिस बनने के बाद ऐसे लोग शिक्षकों को पीट-पीटकर शर्मसार कर देते हैं और उन्हें भी शिक्षा देकर जेल में घुसा देते हैं।
जो कभी नहीं लड़ना चाहता हो लेकिन अपने आत्मसम्मान या बहुत आवश्यकता पड़ने पर अपने आप को बचाने के लिए या किसी की मदद करने के लिए 10-20 वर्ष में कभी एक बार उसने किसी को अपनी रक्षा करते हुए या दूसरे की रक्षा करते हुए चोट पहुंचा दी है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा देकर फांसी तक पहुंचा दी जाती है और जो रोज लड़ते झगड़ते रहते हैं, दूसरों को मारते पीटते रहते हैं, निर्दोषों को सताते रहते हैं, व्यापारियों, शिक्षकों या गरीबों को लूटते रहते हैं, कत्लेआम करते रहते हैं, वे हंसते खेलते अपनी जिंदगी शान से बिताते रहते हैं।
जो सच में कुछ सीखने-सिखाने की क्षमता रखते हैं, देश हित में काम करना चाहते हैं या तो उन्हें भुखमरी का सामना करना होता है या उन्हें सिर्फ ट्यूशन पढ़ा कर अपना गुजारा करना होता है। ऐसे लोगों की किस्मत बहुत खराब होती है जो मेहनत करके देश हित में काम करके बहुत मुश्किल से कुछ कमाते हैं और उससे भी ज्यादा मुश्किल से उस कमाई को अपने भविष्य के लिए बचा कर रखते हैं लेकिन देश के गद्दारों, धोखे बाजों और 10-20 लड़ने वाले साथियों के संपर्क में रहने वालों के द्वारा किसी तरह से नाटक बाजी करके अपनी गरीबी, मजबूरी, बेबसी और आधारभूत जरूरत दिखाकर उनके कमाए हुए धन को ठग लिए जाते हैं।


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जब जब दुष्ट व्यवहार, कर्म करने वाली, तीखे स्वर में चाकू, छुरी चलाने वाली महिलाओं पर, स्त्री पर हाथ उठाने वाले लोगों पर या छेड़खानी करने वाले लोगों पर या रेप करने वाले लोगों के लिए भाजपा सरकार कड़ी से कड़ी सजा दिलवाती रहेगी तब तब भाजपा प्राकृतिक नियमों को तोड़ती रहेगी और हारने के कगार पर पहुंच जाएगी और हार भी जाएगी।
जब-जब हिंदू के उच्च जाति वाले लोग कट्टर विचारधारा के होंगे और दूसरे निम्न श्रेणी वाले लोगों के साथ भेदभाव और दुष्टता पूर्वक व्यवहार करेंगे तब-तब भाजपा सरकार हारती रहेगी।
जब-जब जिहादी, आतंकवादी, कट्टरवादी इस्लामिक विचारधारा वाले लोगों को देश में दंगा करने की छूट मिलती रहेगी, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा या मौत की सजा नहीं मिलेगी तब-तब भाजपा सरकार हार के कगार पर पहुंच जाएगी और हार भी जाएगी।
जब-जब हिंदू धर्म के अनुयायी प्राकृतिक संगम, मेल मिलाप, भाई- बहन, गुरु - शिष्या, अध्यापिका - छात्र आदि के प्राकृतिक मेल - मिलाप और आकर्षण की भावना को कट्टरवादी दंडनीय अपराध की विचारधारा से देखते रहेंगे, पत्नी, ब्वॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड घरवाली, बाहरवाली आदि छोटी मोटी गलतियों के लिए कट्टरवादी मानसिकता लेकर कड़ी से कड़ी सजा देने की घोषणा करेंगे। तब तब हिंदू धर्म का ह्रास होगा हिंदू धर्म से लोग भागकर दूसरे धर्म में विश्वास करेंगे।
खाने पीने की चीजों पर रोक लगाने से हिंदू धर्म का बहिष्कार भी हो सकता है। इसलिए भाजपा सरकार ऐसे किसी भी नियम प्रावधान और कानून की सख्ती से परहेज करें जो लोगों के आचार विचार व्यवहार और खान पान को दंडित करने में कड़ी प्रतिक्रिया दिखाती है तो बीजेपी आगे बढ़ती जाएगी नहीं तो हार के कगार पर पहुंच जाएगी और हार भी सकती है।

1)= (घ)
2)= (क)
3)= ( ख)
4)=(ग)
5)=(क)
6)=क्योंकि यहां जनसंख्या का एक विशाल भाग निरक्षर, भूखे और बिना घर के जीने को मजबूर हैं।
7) भारतीय अर्थव्यवस्था के कमजोर होने का मुख्य कारण निरक्षर, भूखे और बिना घर के जीने को मजबूर लोग हैं।
8) गरीबी एक स्थिति उत्पन्न करती है जिसमें लोग पर्याप्त आय प्राप्त करने में असफल हो जाते हैं इसीलिए वो जरूरी चीजों को नहीं खरीद पाते हैं।
9) एक निर्धन व्यक्ति अपने जीवन में मूल आवश्यकताओं के बिना जीता है जैसे भोजन, कपड़े, स्वच्छ जल, रहने के लिए घर, उचित शिक्षा आदि आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाते हैं। इसे मूल आवश्यकताओं के बिना जीना कहते हैं।
10) निर्धनता का मुख्य कारण उचित कला-कौशल, शिक्षण-प्रशिक्षण आदि का अभाव है।
11) = (क) निर्धनता का मुख्य कारण उचित कला-कौशल, रोजगार बढ़ाने के शिक्षण-प्रशिक्षण आदि की उचित व्यवस्था नहीं है।
(ख) निर्धनता को दूर करने के लिए उचित कला-कौशल, रोजगार बढ़ाने के तरीके आदि के शिक्षण प्रशिक्षण की उचित व्यवस्था करनी चाहिए और सभी को सीखने सिखाने के अवसर मिलने चाहिए।
(ग) मेरे पास गरीबी दूर करने के लिए बहुत अच्छी उपाय है, योजना है इस योजना के अनुसार हर व्यक्ति को कला और कौशल को सीखने-सिखाने का मुफ्त में आजीवन उचित अवसर मिलना चाहिए तथा उसे रोजगार उत्पन्न करने का प्रशिक्षण तथा धन संबंधी सरकारी सहयोग मिलनी चाहिए। और यदि व्यक्ति स्वयं अपनी इच्छा से बेरोजगारी उत्पन्न करता है तो उसकी सुख सुविधाओं को दंड के रूप में छीन लेनी चाहिए। जैसे उसके घर की बिजली की सप्लाई काट देनी चाहिए और उसके पास ऐश्वर्य के जो भी साधन है उसके उपयोग को वर्जित कर देने
चाहिए।
(घ) सभी नागरिक को उसकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति मुफ़्त में कराने की सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए लेकिन ब्याज समेत उसकी वसूली भी सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
(च) देश की सेवा करने वाले, रोजगार उत्पन्न करने वाले, देश की उन्नति में अपना योगदान देने वाले आदि लोगों का प्रोग्रेस कार्ड बनना चाहिए और उसके आधार पर उसकी सुख सुविधाओं को बढ़ा देनी चाहिए तथा उचित समय पर सेवानिवृत्त होने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
(छ) मेरे द्वारा बहुत गहन अध्ययन और आंकलन करने के बाद मैं यह दावा कर सकता हूं कि उपर्युक्त जितने सुझाव, उपाय और योजना मैंने दर्शाई है अगर इसे अपनाया गया तो देश में गरीबी और बेरोजगारी से मुक्ति मिल जाएगी तथा बेरोजगारी कम से कम 95% खत्म हो जाएगी।
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