उपलब्धियां (Achievements)




🌹🌺नीम-हकीम खतरा-ए-जान किंतु तुलसी-नीम दोनों भाई जान एवं आयुर्वेद का ‘एक महान वरदान’ जो रोग उपचारों में आते हैं काम।।।
 🎯अरे! ओ! ‘आदम’ जागरूकता रूपी अफवाहों पर मत कर ध्यान, तुरंत उपचार की नई तकनीक, चिकित्सक और विज्ञान का कर सादर सम्मान किंतु आयुर्वेदिक सदाबहार चिकित्सा सदैव आएंगे आपके काम।।।🎯
🌹😘 🌺अपनी जानकारी बढ़ा, आस पड़ोस में देख और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी, पेड़-पादप की कर सही पहचान।।।🌹😘🌺
🎉🎊 प्रकृति में आयुर्वेदिक उपचार वाले पौधों की उपज बढ़ाओ, निरोग स्वस्थ काया बनाओ और साथ में बढ़ाओ अपना धन-धान, ऐसे आप बढ़ाओ अपना मान, “देश बनेगा और महान”।।।🎉🎊

10 वर्षों में हम 120 से अधिक किताबें पढ़ लेंगे
परंतु हमारे लिए उचित प्रकार से 10 कहानी सुनाना भी मुश्किल होता है। लेकिन 10 वर्षों में केवल एक किताब ढंग से पढ़ते रहे तो उस किताब की हर कहानी,अनुच्छेद, वाक्य व शब्द की पूरी जानकारी पन्नों की संख्या के साथ हमारे पास होगी।
इसे कहते हैं विशेषज्ञता इस प्रकार हम उस किताब में लिखी हर शिक्षा के विशेषज्ञ बन जाते हैं।
इंतजार, प्रतीक्षा, सब्र कहते हैं इन सब के फल मीठे होते हैं लेकिन, परंतु, किंतु यदि इंतजार, प्रतीक्षा, सब्र अधिक हो जाए तो फल मीठा होते होते सड़ जाती है और बदबूदार तथा कड़वी हो जाती है और बहुत हानिकारक हो जाती है । अतः, इसलिए हमें अधिक प्रतीक्षा, इंतजार, सब्र नहीं करनी चाहिए और अति शीघ्र पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और चीन द्वारा कब्जे में लिए गए कश्मीर को आजाद कराकर उस का पुनर्गठन करना अति आवश्यक है।


🎉💕पर वाला परिंदा मिले हैं जहां, प्राकृतिक जीवन चक्र सुचारू चले हैं वहां।
हमारी गगनचुंबी भवन में प्राकृतिक संघर्ष की चहचहाहट मिले हैं कहां?
क्यों घूमते हो? जंगलों-पहाड़ों में वहां, सुव्यवस्थित सभी सुख-सुविधाओं वाली सच्ची एकांतवास गगनचुंबी भवन में पड़े हैं यहां ।।🎯🎯🎯

















































1)= (घ)

2)= (क)

3)= ( ख)

4)=(ग)

5)=(क)

6)=क्योंकि यहां जनसंख्या का एक विशाल भाग निरक्षर, भूखे और बिना घर के जीने को मजबूर हैं।

7) भारतीय अर्थव्यवस्था के कमजोर होने का मुख्य कारण निरक्षर, भूखे और बिना घर के जीने को मजबूर लोग हैं।

8) गरीबी एक स्थिति उत्पन्न करती है जिसमें लोग पर्याप्त आय प्राप्त करने में असफल हो जाते हैं इसीलिए वो जरूरी चीजों को नहीं खरीद पाते हैं।

9) एक निर्धन व्यक्ति अपने जीवन में मूल आवश्यकताओं के बिना जीता है जैसे भोजन, कपड़े, स्वच्छ जल, रहने के लिए घर, उचित शिक्षा आदि आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाते हैं। इसे मूल आवश्यकताओं के बिना जीना कहते हैं।

10) निर्धनता का मुख्य कारण उचित कला-कौशल, शिक्षण-प्रशिक्षण आदि का अभाव है।

11) = (क) निर्धनता का मुख्य कारण उचित कला-कौशल, रोजगार बढ़ाने के शिक्षण-प्रशिक्षण आदि की उचित व्यवस्था नहीं है।

(ख) निर्धनता को दूर करने के लिए उचित कला-कौशल, रोजगार बढ़ाने के तरीके आदि के शिक्षण प्रशिक्षण की उचित व्यवस्था करनी चाहिए और सभी को सीखने सिखाने के अवसर मिलने चाहिए।

(ग) मेरे पास गरीबी दूर करने के लिए बहुत अच्छी उपाय है, योजना है इस योजना के अनुसार हर व्यक्ति को कला और कौशल को सीखने-सिखाने का मुफ्त में आजीवन उचित अवसर मिलना चाहिए तथा उसे रोजगार उत्पन्न करने का प्रशिक्षण तथा धन संबंधी सरकारी सहयोग मिलनी चाहिए। और यदि व्यक्ति स्वयं अपनी इच्छा से बेरोजगारी उत्पन्न करता है तो उसकी सुख सुविधाओं को दंड के रूप में छीन लेनी चाहिए। जैसे उसके घर की बिजली की सप्लाई काट देनी चाहिए और उसके पास ऐश्वर्य के जो भी साधन है उसके उपयोग को वर्जित कर देने

 चाहिए।

(घ) सभी नागरिक को उसकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति मुफ़्त में कराने की सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए लेकिन ब्याज समेत उसकी वसूली भी सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

(च) देश की सेवा करने वाले, रोजगार उत्पन्न करने वाले, देश की उन्नति में अपना योगदान देने वाले आदि लोगों का प्रोग्रेस कार्ड बनना चाहिए और उसके आधार पर उसकी सुख सुविधाओं को बढ़ा देनी चाहिए तथा उचित समय पर सेवानिवृत्त होने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।

(छ) मेरे द्वारा बहुत गहन अध्ययन और आंकलन करने के बाद मैं यह दावा कर सकता हूं कि उपर्युक्त जितने सुझाव, उपाय और योजना मैंने दर्शाई है अगर इसे अपनाया गया तो देश में गरीबी और बेरोजगारी से मुक्ति मिल जाएगी तथा बेरोजगारी कम से कम 95% खत्म हो जाएगी।




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